Sabarimala में फर्जी हेल्थ कार्ड पर Kerala High Court सख्त, पुलिस जांच का आदेश

केरल उच्च न्यायालय ने शबरिमला के विभिन्न प्रतिष्ठानों में बिना मेडिकल जांच फर्जी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामले में पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड केवल सरकारी डॉक्टरों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्रों को ही मान्यता दे।
कोच्चि, दो नवंबर केरल उच्च न्यायालय ने शबरिमला में विभिन्न प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को स्वास्थ्य कार्ड जारी करने में कथित अनियमितताओं पर गंभीर रुख अपनाते हुए इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि कर्मचारियों को काम पर रखते समय केवल केरलम के सरकारी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र ही स्वीकार किए जाएं। न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. और न्यायमूर्ति के.वी. जयकुमार की पीठ ने पत्तनमथिट्ठा जिले के पुलिस अधीक्षक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अवैध स्वास्थ्य कार्ड के संबंध में सन्निधानम के स्वास्थ्य निरीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की उचित जांच की जाए।
पीठ ने कहा, “यदि आरोप सही पाए जाते हैं और किसी व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई शुरू की जाए।” इन निर्देशों के साथ ही अदालत ने शबरिमला के विशेष आयुक्त की उस रिपोर्ट के आधार पर स्वतः शुरू की गई याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें स्वास्थ्य कार्ड जारी करने में कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि पत्तनमथिट्ठा के जिला चिकित्सा अधिकारी (स्वास्थ्य) को सन्निधानम के स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से एक रिपोर्ट मिली थी जो कि स्वास्थ्य कार्ड जारी करने में गंभीर अनियमितताओं के संबंध में थी। अदालत ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि सन्निधानम के दो प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों और निलक्कल में पांच लोगों को ऐसे स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए थे, जिन पर कथित तौर पर एक चिकित्सक के हस्ताक्षर थे।
ये दस्तावेज मंजू महिमा नाम से दर्ज किए गए एक मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप के जरिए भेजे गए थे।” रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि संबंधित व्यक्तियों की चिकित्सकीय जांच या रक्त परीक्षण किए बिना ही स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए थे। तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद पीठ ने टीडीबी को निर्देश दिया कि वह विभिन्न विशेष व्यवस्थाओं के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ केरलम दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत आने वाली दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्रों के मामले में केवल केरलम के सरकारी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जारी प्रमाणपत्र ही स्वीकार करना सुनिश्चित करे। यह निर्देश उन प्रतिष्ठानों पर भी लागू होगा, जहां खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है।
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