China हुआ सन्न, दुनिया हैरान, ट्रंप पर ऐसा भड़के जयशंकर, तगड़ा सुना दिया

भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया कि उसकी विदेश नीति किसी एक ताकत के इशारों पर नहीं चलती। अमेरिका के साथ क्वाड जैसे रणनीतिक समूह में साझेदारी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भारत हर मुद्दे पर वाशिंगटन की बात से सहमत होगा। अटलांटा में हुई G20 विदेश मंत्रियों की बैठक और क्वाड की बातचीत के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस तरह की बातें कही हैं।
पिछले कुछ समय से ही भारत अमेरिका के दोहरे रवैया की किस तरह से हवा निकाल रहा है। खासकर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर जब भी किसी विदेश यात्रा पर होते हैं और बात अमेरिका की होती है तो वो जरूर ट्रंप को दुनिया के सामने बेनकाब करने का काम करते हैं। हाल ही में ट्रंप ने जिस तरह से भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की उसको लेकर जयशंकर लगातार अमेरिका को घेर रहे हैं। एक बार फिर जयशंकर अमेरिका पर इतने भड़क गए कि ट्रंप को तगड़ा सुना डाला। यही नहीं बल्कि इस बार तो उन्होंने चीन को भी नहीं छोड़ा।
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जयशंकर ने किस बात पर ट्रंप की दादागिरी की हवा निकाल कर रख दी?
दरअसल भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया कि उसकी विदेश नीति किसी एक ताकत के इशारों पर नहीं चलती। अमेरिका के साथ क्वाड जैसे रणनीतिक समूह में साझेदारी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भारत हर मुद्दे पर वाशिंगटन की बात से सहमत होगा। अटलांटा में हुई G20 विदेश मंत्रियों की बैठक और क्वाड की बातचीत के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस तरह की बातें कही हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वो किसी भी तरह का दबाव सहने वाले नहीं है। खासतौर पर रूस से तेल खरीदने के मामले में जिस तरह का रुख अमेरिका ने अपनाया उसे लेकर भारत ने साफ किया है कि वह किसी भी दबाव में अपनी नीति तय नहीं करेगा। इतना ही नहीं जयशंकर ने अपने पिछले अमेरिकी दौरे पर आतंकवाद को लेकर रुख साफ किया था। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस भारत की पॉलिसी का हिस्सा है और अगर कोई देश भारत से डील चाहता है तो उसे यह समझना होगा। उन्होंने इस आतंकवाद पर अमेरिका के दोहरे चरित्र का भी खुलासा किया था।
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इस बार जयशंकर ने दुनिया में चल रहे युद्धों का भी मुद्दा उठाया। जयशंकर ने कहा कि संघर्षों की कीमत केवल सीधे तौर पर शामिल देशों को ही नहीं बल्कि अन्य देशों को भी चुकानी पड़ रही है। दरअसल कुछ घंटे पहले अटलांटा में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की क्वाड बैठक हुई। इसमें जयशंकर के साथ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रूबियो, जापान के विदेश मंत्री मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग शामिल हुए। लेकिन यहां भी जयशंकर ने अमेरिका को घेरना नहीं छोड़ा। गौर करने वाली बात तो यह है कि जिस तरह से भारत अब तक हर मंच से पाकिस्तान और चीन को घेरता आया है, ठीक कुछ वैसे ही इन दिनों अमेरिका को भी भारत घेर रहा है। क्योंकि ट्रंप भस्मासुर बनकर दुनिया भर में आग लगा रहे हैं और वैसी ही आग वो भारत में भड़काने की कोशिश तो करते हैं लेकिन उनकी कोशिश हर बार नाकाम हो जाती है।
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