Shopian Police ने किया जेल से जुड़े Terror Funding मॉड्यूल का पर्दाफाश, 10 गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में पुलिस ने जेल से जुड़े एक बड़े टेरर फाइनेंसिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह नेटवर्क जनता से गुप्त रूप से फंड जुटाकर लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ जैसे संगठनों को लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करा रहा था। इस मामले में पुलिस ने 10 आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में जेल से जुड़े एक ऐसे मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जो केंद्र शासित प्रदेश के भीतर आतंकवादियों के लिए फंड जुटाने का काम कर रहा था। इस मामले में आतंकवादियों के 10 सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संदिग्ध वित्तीय नेटवर्कों की गहन जांच के बाद, शोपियां पुलिस ने केंद्र शासित प्रदेश के भीतर काम कर रहे एक 'टेरर फाइनेंसिंग' (आतंकवाद के लिए फंड जुटाने वाले) मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।
इसे भी पढ़ें: श्रीनगर सांसद Aga Ruhullah Mehdi नेकां और लोकसभा से 3 नवंबर को देंगे इस्तीफा
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान, विभिन्न पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए किए गए संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया गया, जिससे पैसों के लेन-देन के कई स्तरों का पता चला। उन्होंने बताया कि जांच से ऐसे लोगों के एक बड़े नेटवर्क का पता चला है, जो कथित तौर पर उग्रवादी गतिविधियों के लिए फंडिंग (वित्तपोषण) में शामिल थे। इनके संबंध अलग-अलग जेलों में बंद आतंकवादियों और उनके साथियों से भी थे।
पुलिस के अनुसार, उग्रवादियों के 10 सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है और शोपियां पुलिस स्टेशन में कानून की संबंधित धाराओं के तहत FIR नंबर 231/2026 दर्ज की गई है। गिरफ्तार किए गए 10 लोगों में से आठ दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और शोपियां जिलों से हैं, जबकि दो लोग जम्मू क्षेत्र के सीमावर्ती जिले कठुआ से हैं। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी आम जनता से गुप्त रूप से फंड इकट्ठा कर रहे थे। वे इस पैसे को अपने वित्तीय नेटवर्क के जरिए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) जैसी आतंकी गतिविधियों के लिए पहुंचा रहे थे।
इसे भी पढ़ें: Omar Abdullah Cabinet में क्षेत्रीय संतुलन नहीं, BJP नेता Sunil Sharma ने लगाए आरोप
उन्होंने कहा कि आरोप है कि इन फंड का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट (जिसमें स्मार्टफोन भी शामिल हैं) मुहैया कराने में किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि इस बड़े नेटवर्क का पता लगाने, वित्तीय संबंधों की और कड़ियां जोड़ने तथा इस मॉड्यूल में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है। चूंकि पुलिस की जांच जारी है, इसलिए और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
अन्य न्यूज़













