कर्नाटक के Hassan में फाइलें पास करने के नाम पर रिश्वतखोरी, HD Kumaraswamy ने लगाए गंभीर आरोप

केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने रविवार को हासन में संवाददाता सम्मेलन कर आरोप लगाया कि अधिकारी सरकारी कामकाज और फाइलें मंजूर करने के लिए मोटी रकम मांग रहे हैं। उन्होंने कथित रिश्वतखोरी और दलाली के सबूत के तौर पर व्हाट्सऐप चैट के 15 पन्ने जारी किए।
हासन, आठ नवंबर केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने रविवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक के हासन जिले में अधिकारी फाइलें मंजूर करने और सरकारी कामकाज आगे बढ़ाने के लिए बड़ी रकम की मांग कर रहे हैं। जनता दल (एस) के नेता ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत के 15 पन्ने जारी किए। उन्होंने दावा किया कि इन बातचीत से क्रशर से संबंधित फाइलें मंजूर कराने और भूमि उपयोग परिवर्तन के प्रस्तावों को स्वीकृति देने के लिए धन की मांग किए जाने का संकेत मिलता है।
कुमारस्वामी ने कथित बातचीत के एक अंश को पढ़ते हुए कहा, ‘‘आपका काम दलाली का है, है ना? आपके द्वारा बताई गई रकम हमें अधिकारियों को देनी होती है। जो थोड़ी रकम बचती है, उसे मुझे अपने विभाग के सभी लोगों में बांटना होता है।
चालक, गनमैन, एक अन्य निजी सहायक और बाकी सभी को पैसे देने होते हैं।’’ केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि क्रशर से संबंधित तीन फाइलें मंजूर कराने के लिए 60 लाख रुपये मांगे गए थे। इसमें से 50 लाख रुपये संबंधित वरिष्ठ अधिकारी के लिए और 10 लाख रुपये अन्य कर्मचारियों में बांटने के लिए थे। उन्होंने भूमि उपयोग परिवर्तन और अन्य सरकारी कामों के लिए कथित तौर पर किए गए भुगतान का भी जिक्र किया।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि एक अधिकारी को किसी खास पद पर बनाए रखने के लिए 75 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। उन्होंने व्हाट्सऐप पर भेजे गए एक कथित संदेश को भी पढ़ा, जिसमें संदेश भेजने वाले ने दावा किया था कि उसने अलग-अलग स्रोतों से रकम जुटाकर एक बिचौलिए के जरिए संबंधित व्यक्ति को सौंप दी थी। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह मुद्दा इसलिए उठाया है, क्योंकि मैं वास्तव में चाहता हूं कि अगर सरकार भ्रष्टाचार से निपटने को लेकर गंभीर है तो ऐसी प्रथाओं को समाप्त करे।
यदि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है तो सरकार को सम्मानित करने वालों में हम सबसे आगे होंगे।’’ केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से कथित बातचीत में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन जब्त करने और मामले की विस्तृत जांच करने का आग्रह किया। इस संबंध में जिला प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
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