Delhi Police ने छीना विरोध का दर्जा, अब Culture Ministry Jantar Mantar पर सजाएगी कला मेला

दिल्ली के जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद अब इंडिया आर्ट, आर्किटेक्चर एंड डिज़ाइन बिएनाले 2026 का आयोजन स्थल बनाया गया है। संस्कृति मंत्रालय का यह अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम दिसंबर 2026 से मार्च 2027 तक चलेगा। वहीं दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के लिए रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान को वैकल्पिक जगह तय किया है।
दिल्ली में जंतर-मंतर दशकों से प्रदर्शनकारियों के लिए एक जाना-पहचाना ठिकाना रहा है। यहाँ लोग भ्रष्टाचार से लेकर किसानों के अधिकारों तक, विभिन्न मुद्दों को उठाने के लिए इकट्ठा होते रहे हैं। अब, इस स्मारक के आसपास के इलाके को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के कुछ ही दिनों बाद, इसे 'इंडिया आर्ट, आर्किटेक्चर एंड डिज़ाइन बिएनाले 2026' के प्रमुख आयोजन स्थलों में से एक के रूप में शामिल किया जा रहा है।
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4 दिसंबर 2026 से 21 मार्च 2027 तक चलने वाले इस बिएनाले में एक दर्जन से अधिक स्मारकों और प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शनियां और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति मंत्रालय ने इस आयोजन को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में परिकल्पित किया है, जहां भारत और 20 से अधिक अन्य देशों की कला, वास्तुकला और डिज़ाइन को प्रदर्शित किया जाएगा। 2026 के इस संस्करण की योजना 2023 में आयोजित पहले बिएनाले की तुलना में कहीं बड़े पैमाने पर बनाई जा रही है।
यह निर्णय तब लिया गया है जब दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर, 2026 के एक आदेश के ज़रिए जंतर-मंतर के आस-पास के इलाके को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह के रूप में हटा दिया है। प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, सीबीडी मैदान और बुराड़ी मैदान को वैकल्पिक जगहों के तौर पर चुना गया है। यह आदेश 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के साथ प्रदर्शन की अनुमति को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच आया है। 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई है, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
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इस फैसले ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनों के लिए सार्वजनिक जगहों के इस्तेमाल के मुद्दे पर फिर से ध्यान खींचा है। संसद और प्रमुख सरकारी संस्थानों के पास स्थित होने के कारण, जंतर-मंतर लंबे समय से उन प्रदर्शनकारियों के लिए एक अहम जगह रही है, जो अपनी मांगों को सरकार के सामने लाना चाहते हैं।
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