Social Media अवमानना केस: Arvind Kejriwal को राहत, Delhi High Court में 16 नवंबर को सुनवाई

AAP
ANI
अभिनय आकाश । Sep 21 2026 3:29PM

दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट फैलाने से जुड़े आपराधिक अवमानना मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत अन्य आप नेताओं को जवाब दाखिल करने का समय दिया है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर तय की है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अन्य के खिलाफ न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट फैलाने के मामले में आपराधिक अवमानना ​​​​के मामले की सुनवाई 16 नवंबर को तय की। न्यायमूर्ति नवीन चावला और अरुण भारद्वाज की पीठ ने केजरीवाल और अन्य प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। अदालत ने वकील अशोक चैतन्य द्वारा केजरीवाल और अन्य, जिनमें AAP नेता गोपाल राय और पत्रकार सौरभ दास शामिल हैं। उसके खिलाफ न्यायमूर्ति शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान चलाने के आरोप में दायर एक अलग अवमानना ​​​​याचिका की सुनवाई के लिए भी 16 नवंबर की तारीख निर्धारित की।

इसे भी पढ़ें: पंजाब में Manish Sisodia ने किया AAP के महासंपर्क अभियान का एलान, Sukhbir Badal ने कसा तंज


सुनवाई के दौरान, केजरीवाल के सीनियर वकील ने कहा कि उन्हें अभी तक अवमानना ​​मामले का आधार बनने वाली पूरी सामग्री नहीं मिली है। बेंच ने रजिस्ट्री को वह सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिसे अधूरा बताया गया था और कहा अगर कोई जवाब देना हो, तो उसे चार हफ़्ते में दाखिल किया जाए। 19 मई को, जस्टिस शर्मा द्वारा शुरू किए गए स्वतः संज्ञान वाले अवमानना ​​मामले में हाई कोर्ट ने केजरीवाल और अन्य नेताओं को नोटिस जारी किया था और उन्हें अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ़्ते का समय दिया था। कोर्ट ने सीनियर वकील राजदीपा बेहूरा को 'एमिकस क्यूरी' के तौर पर भी नियुक्त किया था। जस्टिस शर्मा ने 14 मई को केजरीवाल, सिसोदिया, सिंह और अन्य AAP नेताओं (जिनमें दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज और विनय मिश्रा शामिल हैं) के ख़िलाफ़ आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की थी। यह कार्यवाही आबकारी नीति मामले के संबंध में उनके ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर की गई "अपमानजनक" पोस्ट को लेकर की गई थी।

इसे भी पढ़ें: CM Bhagwant Mann के काफिले के सामने High-Voltage Protest: हिरासत में BJP नेता Ravneet Bittu

जज ने एक्स यूज़र देवेश विश्वकर्मा के ख़िलाफ़ भी अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की थी। बाद में वकील अशोक चैतन्य ने अवमानना ​​की एक अलग याचिका दायर की। अपने अवमानना ​​आदेश में जस्टिस शर्मा ने कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कानूनी रास्ते अपनाने के बजाय सोशल मीडिया पर उनके ख़िलाफ़ सोची-समझी बदनामी की मुहिम चलाई। उन्होंने यह भी कहा कि सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सीबीआई की याचिका पर अब दूसरी बेंच सुनवाई करेगी। जज ने उन लोगों की कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई जिन पर अवमानना ​​का आरोप है। उन्होंने कहा कि इन पोस्ट में उन पर राजनीतिक निष्ठा और जुड़ाव का आरोप लगाया गया और वाराणसी के एक शिक्षण संस्थान में दिए गए उनके भाषण के एक गुमराह करने वाले एडिटेड वीडियो के ज़रिए उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने इस मामले की अदालती कार्यवाही के क्लिप्स के बड़े पैमाने पर फैलने का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर अवमानना ​​का आरोप है, वे एक समानांतर नैरेटिव (अलग कहानी) बना रहे हैं और चुप रहना न्यायिक संयम नहीं, बल्कि एक ताकतवर मुक़दमेबाज़ के सामने घुटने टेकना है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़