Revanth Reddy सरकार के खिलाफ BJP का प्रदर्शन, SRSP से पानी छोड़ने की मांग

तेलंगाना के करीमनगर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए चिंताकुंटा नहर में पानी छोड़ने की मांग को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। जनप्रतिनिधियों ने विसर्जन की सुविधा के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग की है।
तेलंगाना के करीमनगर में चिंताकुंटा नहर पर तनाव फैल गया। यहाँ BJP कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों के सदस्यों ने रेवंत रेड्डी सरकार से गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए पानी छोड़ने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विसर्जन स्थल पर पानी की कमी को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ़ नारेबाज़ी की। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, तो स्थिति और बिगड़ गई। घटना स्थल के वीडियो में कथित तौर पर पुलिसकर्मी कुछ प्रदर्शनकारियों को मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें पास के पुलिस स्टेशनों में भेज दिया। गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले चिंताकुंटा नहर में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है, जिसके चलते विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। इस मुद्दे पर राजनीतिक नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने नहर में पानी छोड़ने की मांग की है।
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इससे पहले, 15 सितंबर को करीमनगर के विधायक गंगुला कमलाकर ने चिंताकुंटा विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए श्री राम सागर परियोजना (SRSP) से पानी छोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस जगह पर लगभग 700-800 प्रतिमाओं के विसर्जन की उम्मीद है और सुझाव दिया कि विसर्जन स्थल पर पानी का स्तर पर्याप्त बनाए रखने के लिए पानी छोड़ा जाए। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (MoS) और करीमनगर के सांसद बंदी संजय कुमार ने भी इस महीने की शुरुआत में विसर्जन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। उन्होंने आग्रह किया था कि विसर्जन आसानी से हो सके, इसके लिए कई दिन पहले ही पानी छोड़ दिया जाए। करीमनगर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए चिंटाकुंटा SRSP नहर, मानाकोंडुर और कोथापल्ली के जलाशयों के साथ-साथ कई सालों से तय जगहों में से एक रही है।
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अधिकारियों ने पहले भी विसर्जन स्थलों पर क्रेन, बैरिकेड्स, लाइटिंग, साफ़-सफ़ाई की सुविधाएँ और पुलिसकर्मियों व तैराकों की तैनाती जैसे इंतज़ाम किए हैं। इस साल करीमनगर और आस-पास के इलाकों में नहरों और जलाशयों में पानी का स्तर कम होने की खबरों के बीच यह मामला ज़रूरी हो गया है, जिससे बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन में मुश्किलें आ रही हैं। करीमनगर के पुलिस कमिश्नर गौश आलम ने भी इस हफ़्ते की शुरुआत में विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे सुरक्षा सुनिश्चित करने और विसर्जन प्रक्रिया के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नगर पालिका, राजस्व और बिजली विभागों के साथ तालमेल बिठाएँ। पुलिस की कार्रवाई और विरोध-प्रदर्शन के दौरान किसी के घायल होने के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है।
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