तरबूज खूनी नहीं! एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत, जांच में बिरयानी और तरबूज सुरक्षित, अब 'ज़हर' पर गहराया शक

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ANI
रेनू तिवारी । May 2 2026 9:04AM

मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। शुरुआती जांच में जिस खाने (बिरयानी और तरबूज) को मौत की वजह माना जा रहा था, उसे क्लीन चिट मिल गई है।

मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। शुरुआती जांच में जिस खाने (बिरयानी और तरबूज) को मौत की वजह माना जा रहा था, उसे क्लीन चिट मिल गई है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की रिपोर्ट के अनुसार, घर से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों में कोई मिलावट या हानिकारक तत्व नहीं पाए गए हैं। अब पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारी ज़हर (Toxicity) की आशंका पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मुंबई पुलिस इस मामले में टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है। यह घटना 26 अप्रैल को शहर के पायधुनी इलाके में हुई थी। इस रिपोर्ट से यह साफ होने की उम्मीद है कि क्या ज़्यादा मात्रा में पेनकिलर (दर्द निवारक दवा) या किसी ज़हरीले पदार्थ के कारण उनकी मौत हुई है।

खाने में कोई हानिकारक पदार्थ नहीं मिला, ज़हर की आशंका

शुरुआती जांच में, महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को परिवार द्वारा खाए गए भोजन में कोई हानिकारक पदार्थ नहीं मिला है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मॉर्फिन (एक दर्द निवारक दवा) की मौजूदगी और शरीर के कुछ ऊतकों (tissues) में असामान्य रूप से हरे रंग का बदलाव पाया गया है। यह किसी ज़हरीले पदार्थ के संपर्क में आने का संकेत हो सकता है।

महाराष्ट्र FDA ने पायधुनी स्थित परिवार के घर से खाने के 11 सैंपल लिए थे और उनकी जांच की। जांच में खाने में किसी भी तरह की मिलावट का कोई सबूत नहीं मिला। इन सैंपलों में बिरयानी, तरबूज, मिट्टी के घड़े और फ्रिज में रखा पानी, कच्चा और पका हुआ चावल, कच्चा और पका हुआ चिकन, खजूर और मसाले शामिल थे।

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यह मामला 26 अप्रैल को तब सामने आया, जब 40 वर्षीय अब्दुल्ला डोकाडिया को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने डॉक्टरों को बताया था कि तरबूज खाने के बाद उनकी और उनके परिवार के सदस्यों—पत्नी नसरीन (35), और बेटियों आयशा (16) और ज़ैनब (13)—की तबीयत बिगड़ गई थी। बाद में इलाज के दौरान उन चारों की मौत हो गई। पुलिस ने 'आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट' (ADR) दर्ज की और जांच शुरू कर दी।

 

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ज़हर के कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी

जांच में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि मामले के सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। अधिकारी कलीना फोरेंसिक लैब, FDA और जेजे अस्पताल से आने वाली विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं।

टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट से यह साफ होने की उम्मीद है कि क्या किसी ज़हरीले पदार्थ का सेवन किया गया था, और अगर हां, तो वह किस समय किया गया था।


जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि अब्दुल्ला एक बिल्डर से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में गवाह हो सकते थे। अधिकारियों ने बताया कि इस जानकारी की पुष्टि की जा रही है, लेकिन इस स्तर पर इसे मौतों से जोड़ना जल्दबाजी होगी। पुलिस के अनुसार, अब तक कोई भी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने नहीं आया है। रिश्तेदारों के बयानों से पता चलता है कि परिवार स्थिर और खुशहाल था, और उनके बीच किसी तरह का कोई विवाद या चिंता नहीं थी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल संचार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

इस बीच, कलीना लैब के एक फोरेंसिक अधिकारी ने पुष्टि की है कि विसरा नमूनों की शुरुआती जांच में कुछ अज्ञात बाहरी कणों की मौजूदगी का पता चला है। अधिकारी ने बताया कि हालांकि शुरुआती नतीजों से किसी बाहरी पदार्थ की मौजूदगी का संकेत मिलता है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे पदार्थ जहरीले हैं, औषधीय हैं या किसी अन्य प्रकार के हैं। विस्तृत विश्लेषण अभी जारी है।

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