Cyclone Arnab से ओडिशा में भारी बारिश और तबाही, 43 हजार से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए

आंध्र प्रदेश तट से टकराने के बाद चक्रवात अर्नब के प्रभाव से दक्षिणी ओडिशा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि समय रहते उठाए गए कदमों से कोई जनहानि नहीं हुई और संवेदनशील इलाकों से 43,827 लोगों को राहत केंद्रों में पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने कई दक्षिणी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
चक्रवात अर्नब के कारण बुधवार को हुई भारी बारिश और तेज हवाओं ने दक्षिणी ओडिशा में तबाही मचा दी, कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, भूस्खलन की घटनाएं सामने हुईं और सड़कें जलमग्न गईं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में चक्रवात के टकराने के बाद स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि पहले से की गई तैयारियों की मदद से, भारी तबाही के बावजूद राज्य ने ‘‘किसी के भी हताहत न होने के’’ लक्ष्य को हासिल किया। उन्होंने कहा कि अलर्ट पर रखे गए आठ जिलों में से गजपति सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ।
माझी ने कहा, ‘‘हालांकि शुरू में यह उम्मीद थी कि चक्रवात बुधवार सुबह तट से टकराएगा, लेकिन यह काफी पहले, लगभग रात दो बजे ही आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया। हमारी समय रहते की गईं तैयारियों और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के काम से कई जानें बच गईं।’’ उन्होंने चेतावनी दी कि आंध्र प्रदेश में तबाही मचाने के बाद, जैसे-जैसे चक्रवात ओडिशा की ओर बढ़ेगा, मलकानगिरि और अधिक प्रभावित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट, मलकानगिरि और नबरंगपुर जिलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने 43,827 लोगों को सुरक्षित निकालकर 634 राहत केंद्रों में पहुंचाया है और उन्हें भोजन, पानी व दवाइयों जैसी जरूरी चीजें उपलब्ध करा रहे हैं।’’ उन्होंने यह भी बताया कि 2,037 राहत केंद्रों को तैयार रखा गया है।
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि चक्रवात के कारण ट्रेन सेवाएं बाधित हुई हैं और 50 से अधिक ट्रेन रद्द कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अगले 12 घंटे काफी अहम हो सकते हैं, क्योंकि चक्रवात का असर और तेज होने की आशंका है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि उन्होंने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जमीनी स्थिति की समीक्षा की है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘चक्रवात अर्नब के मद्देनजर आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जमीनी स्थिति की समीक्षा की। 10 स्थानों पर पेड़ गिरने जैसी मामूली बाधाओं की सूचना मिली थी, जिन्हें तुरंत ठीक कर लिया गया। सुरक्षित और सुगम ट्रेन संचालन बनाए रखने के लिए स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।’’ दूसरी ओर, भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (बीपीआईए) के निदेशक प्रसन्न प्रधान ने बताया कि उड़ान सेवाएं लगभग सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
हालांकि, चक्रवात के मद्देनजर भुवनेश्वर-जयपुर (कोरापुट)-विशाखापत्तनम मार्ग पर चलने वाली नौ सीट वाली एक उड़ान को बुधवार के लिए रद्द कर दिया गया। उन्होंने बताया कि चेन्नई और हैदराबाद से भुवनेश्वर आने वाली उड़ानें प्रभावित विशाखापत्तनम हवाई क्षेत्र से बचने के लिए रायपुर के ऊपर से वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर रही हैं। भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि चक्रवात आंध्र प्रदेश-यानम तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके कारण पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिणी ओडिशा के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई है।
मौसम कार्यालय के अनुसार, गजपति जिले के महेंद्रगढ़ में सबसे अधिक 249.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद कोरापुट के पोट्टंगी में 188 मिमी, गजपति के मोहना में 168.8 मिमी, गंजाम स्टेशन पर 161.4 मिमी और कोरापुट के सिमिलीगुड़ा में 143.1 मिमी बारिश हुई। गंजाम के दिगपहांडी में 139.5 मिमी, जबकि गजपति के गुम्मा में 135 मिमी बारिश दर्ज की गई।
गंजाम जिले के ही ब्रह्मपुर में 131.4 मिमी, गोसानी में 128 मिमी, कुकुड़ाहांडी में 127 मिमी और संखेमुंडी में 114 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, गजपति जिले के काशीनगर में 107.2 मिमी बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने नवरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, गजपति और गंजाम जिलों में अत्यधिक भारी बारिश के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है और 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
पुजारी ने कहा, ‘‘अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है क्योंकि चक्रवात का असर और तेज हो सकता है।’’ आईएमडी ने बताया कि बरगढ़, सुवर्णपुर, बौध, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कंधमाल, पूरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों को भारी से बहुत भारी बारिश तथा 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना के मद्देनजर अलर्ट पर रखा गया है। मौसम विभाग ने कहा कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश पी. पाटिल ने बताया कि सरकार को कुछ दक्षिणी जिलों में पेड़ उखड़ने की सूचनाएं मिली हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
आईएमडी के अनुसार, चक्रवात बुधवार देर रात दो बजे से सुबह आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश-यानम तट से अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में गुजरा। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रही। आईएमडी ने बताया कि सुबह 8.30 बजे तक यह कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया और हवा की गति घटकर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई।
अगले 48 घंटों में इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान है। इसके बाद यह दक्षिणी ओडिशा से गुजरते हुए छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ सकता है। पुजारी ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर 313 राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं।
इनमें ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) के 60, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के नौ और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के 244 दल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की मछली पकड़ने वाली सभी 19,143 नौकाएं तट पर लौट आई हैं। भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में एहतियातन कुछ सड़कों पर यातायात के संचालन संबंधी अस्थायी रोक सहित अन्य कदम उठाए गए हैं।
मंत्री ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चक्रवात के कारण एक भी व्यक्ति की जान न जाए।”
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