भीषण Cyclone Arnab के खतरे के बीच Andhra Pradesh में 84 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

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आंध्र प्रदेश में भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब के तट से टकराने की आशंका के बीच प्रशासन ने 84 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जानमाल का कोई नुकसान न हो। ऊर्जा विभाग ने भी बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब छह हजार कर्मचारियों की तैनाती की है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि राज्य को भारी नुकसान पहुंचाने की आशंका वाले अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के मद्देनजर सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी व्यक्ति की जान न जाए। मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात मंगलवार देर रात दो बजे से चार बजे के बीच तट से टकरा सकता है। नायडू ने उंडावल्ली स्थित अपने कैंप कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सभी लोगों की जान बचाना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने संवेदनशील जिलों के लोगों को सतर्क रहने और चक्रवात के तट से गुजरने के बाद भी घरों के अंदर रहने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित जिलों में 84,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है। इस बीच, मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य क्षेत्र के ऊपर बना अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान पिछले छह घंटों के दौरान पश्चिम से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा।

मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे तक यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोत्तिपति रवि कुमार ने मंगलवार को चक्रवात ‘अर्नब’ के खतरे के मद्देनजर बिजली वितरण कंपनियों को हाई अलर्ट पर रहने और जन सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए करीब छह हजार कर्मियों को तैनात किया गया है।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों, निदेशकों और ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (ईपीडीसीएल) के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए विभाग की तैयारियों की समीक्षा की। कुमार ने कहा कि चक्रवात से तत्काल प्रभावित नहीं होने वाले क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अवकाश संबंधी व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। उन्होंने बिजली वितरण कंपनियों के अध्यक्षों और प्रबंध निदेशकों को क्षेत्र का दौरा करने तथा स्थिति पर करीबी नजर रखने का निर्देश दिया।

मंत्री ने बताया कि निदेशक पहले से ही विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा और कोनसीमा जिलों में बिजली आपूर्ति संबंधी कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

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