Brajesh Pathak बोले, नशा सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि पूरे समाज व देश की प्रगति को रोकता है

लखनऊ में आरोग्य भारती की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नशामुक्त भारत के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता और निरंतर प्रयासों से ही स्वस्थ समाज की परिकल्पना साकार होगी। इसके अलावा उन्होंने नियंत्रण केंद्र पहुंचकर राज्यभर के अस्पतालों में मौसमी बीमारियों से निपटने की तैयारियों का भी जायजा लिया।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति पर भी प्रतिकूल असर डालता है। पाठक ने यहां आरोग्य भारती द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘व्यसन मुक्ति राष्ट्रीय कार्यशाला’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए व्यसनमुक्त भारत का संकल्प जनजागरुकता, सामाजिक सहभागिता और निरंतर प्रयासों से ही साकार हो सकता है।’’ उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आरोग्य भारती द्वारा व्यसन मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित यह राष्ट्रीय कार्यशाला स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक सराहनीय पहल है। पाठक ने लोगों का आह्वान किया कि वे मिलकर ‘‘स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज’’ के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. बी.एन. सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश पंडित समेत बड़ी संख्या में लोग कार्यशाला में शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शनिवार को लखनऊ स्थित केंद्रीय कमान एवं नियंत्रण केंद्र ‘होप’ (हेल्थ ऑनलाइन पैरामीटर इवैल्यूएशन) पहुंचकर प्रदेश के अस्पतालों में बुखार और ‘फ्लू’ से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तथा संसाधनों की उपलब्धता की ऑनलाइन निगरानी की और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पाठक ने कहा कि बुखार और ‘फ्लू’ से पीड़ित मरीजों को बिना विलंब चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों में अलग पंजीकरण काउंटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरतते हुए निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। साथ ही, अस्पतालों में उत्तर प्रदेश या नेपाल से आने वाले प्रत्येक मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए।
पाठक ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि उन्होंने शनिवार को लखनऊ में ऑनलाइन माध्यम से प्रदेश के चिकित्सा अधिकारियों के साथ बुखार और ‘फ्लू’ से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि बैठक में इनकी रोकथाम, स्वास्थ्य संसाधनों की उपलब्धता, मरीजों के उपचार और लगातार निगरानी समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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