Rahul Gandhi चुनाव आते ही करते हैं हिंदू होने का दिखावा, BJP ने Video जारी कर घेरा

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ANI

राहुल गांधी द्वारा त्रिपुंड तिलक की तस्वीर साझा करने के बाद भाजपा ने उनके पुराने बयानों का वीडियो जारी कर उन पर चुनाव आते ही हिंदू होने का दिखावा करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा भाजपा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाने को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हिंदुत्व और हिंदू धर्म पर राहुल गांधी की पुरानी टिप्पणियों का एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता चुनाव नजदीक आने पर हिंदू होने का दिखावा करते हैं। यह घटनाक्रम गांधी द्वारा ‘त्रिपुंड तिलक’ की तस्वीर साझा करने के कुछ दिनों बाद सामने आया है। भगवान शिव से जुड़ा यह पवित्र चिह्न माथे पर लगाया जाता है। गांधी ने इस तस्वीर के साथ ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ लिखा था। उन्होंने यह तस्वीर सुलतानपुर की एमपी/एमएलए अदालत द्वारा 2018 में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बरी किए जाने के बाद साझा की थी।

 भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें सबसे पहले गांधी की ‘एक्स’ पोस्ट दिखाई गई और इसके बाद तुलना के लिए हिंदुत्व तथा हिंदू धर्म पर उनके भाषणों के कुछ अंश शामिल किए गए। वीडियो के पृष्ठभूमि में ‘क्या हुआ तेरा वादा’ गाना बज रहा था। भाजपा ने ‘एक्स’ पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘‘अगर आप हिंदुओं से इतनी नफरत करते हैं, तो हर बार चुनाव आने पर हिंदू होने का दिखावा क्यों करते हैं, राहुल जी?’’ वीडियो के एक अंश में गांधी को यह कहते सुना जा सकता है, ‘‘हमें इन हिंदुत्ववादियों को एक बार फिर बाहर निकालना होगा।’’ 

एक अन्य अंश में राहुल कहते सुनाई देते हैं, ‘‘जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, वे दिन के 24 घंटे हिंसा, हिंसा, हिंसा में लगे रहते हैं। नफरत, नफरत, नफरत। झूठ, झूठ, झूठ।’’ भाजपा ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में मुख्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया की आलोचना करने को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। पार्टी ने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए न तो कोई कानून था और न ही कोई समिति। 

भाजपा ने कहा, ‘‘क्या आपको पता है? कांग्रेस के शासनकाल में मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति के लिए न तो कोई कानून था और न ही कोई समिति। प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल अपनी मर्जी से नाम तय करते थे और विपक्ष के नेता से सलाह तक नहीं ली जाती थी।’’ भाजपा ने कहा, ‘‘आज वही कांग्रेस एक पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था पर सवाल उठा रही है।’’ 

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