Bihar Board अंकपत्र पर अब नहीं लिखा होगा अनुत्तीर्ण, मिलेगा कौशल प्रशिक्षण का विकल्प

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने घोषणा की है कि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के प्रमाणपत्रों में अब ‘अनुत्तीर्ण’ की जगह ‘कौशल प्रशिक्षण के लिए योग्य’ दर्ज किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य असफल छात्रों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से जोड़कर उनका मनोबल बढ़ाना है। साथ ही 10वीं की पूरक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को एक महीने का विशेष तैयारी सत्र भी दिया जाएगा।
बिहार सरकार ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र से 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के विद्यार्थियों के अंकपत्र में ‘अनुर्तीण’ शब्द की जगह ‘कौशल प्रशिक्षण के लिए योग्य’ वाक्यांश का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का मकसद विद्यार्थियों को बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम करने में मदद करना है।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘शिक्षा विभाग इस बदलाव को लागू करने के लिए नियमों में संशोधन करेगा। विभाग जल्द ही बीएसईबी को जरूरी निर्देश जारी करेगा। प्रमाणपत्र पर ‘अनुर्तीण’ के बजाय ‘कौशल विकास के लिए योग्य’ लिखा होगा।’’ तिवारी ने कहा कि सिर्फ इसलिए विद्यार्थियों का हुनर खत्म नहीं हो जाता कि वे परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक नंबर नहीं ला पाते।
उन्होंने कहा,‘‘10वीं कक्षा की बोर्ड पूरक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को तैयारी करने और उनके सफल होने की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद के लिए एक महीने का विशेष सत्र दिया जाएगा।’’ तिवारी ने कहा कि यह पहल उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिनका मकसद परीक्षा में असफल रहने के बाद विद्यार्थियों को सुधारात्मक सहायता देना और उन्हें पिछड़ने से बचाना है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार सरकार विद्यार्थियों को पारंपरिक पाठ्यपुस्तक-आधारित पढ़ाई से हटकर अन्य गतिविधियों से भी परिचित कराने के लिए कदम उठा रही है। हाल में उठाए गए कदमों में से एक है सरकारी स्कूलों में शनिवार को नो-बैग डे लागू करना।
छह अगस्त को घोषित इस व्यवस्था के तहत, सरकारी स्कूल शनिवार को सुबह 9.30 बजे से दोपहर एक बजे तक चलेंगे, जबकि सोमवार से शुक्रवार तक वे सुबह 9.30 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे।
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