डिब्रूगढ़ के OIL टैंक फार्म हादसे में दो और कर्मियों ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या 3 हुई

डिब्रूगढ़ के OIL टैंक फार्म हादसे में दो और कर्मियों ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या 3 हुई
प्रतिरूप फोटो
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असम के डिब्रूगढ़ जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड के तेंगाखत टैंक फार्म में आग लगने के बाद घायल हुए दो और कर्मचारियों की शनिवार को मौत हो गई। शुक्रवार को रखरखाव कार्य के दौरान हुए विस्फोट में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। कंपनी ने मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख और घायलों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।

डिब्रूगढ़, सात नवंबर असम के डिब्रूगढ़ जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) की एक इकाई में हुए विस्फोट के बाद लगी आग में झुलसने से दो और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि एक इंजीनियर ने डिब्रूगढ़ के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि एक कर्मचारी की गुवाहाटी के अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति की शुक्रवार को मौत हो गई थी। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, शुक्रवार को तेंगाखत स्थित ओआईएल के ‘इंटरमीडिएट टैंक फार्म’ में रखरखाव के काम के दौरान विस्फोट हो गया जिसके बाद वहां आग लग गई।

‘इंटरमीडिएट टैंक फार्म’ एक ऐसी जगह होती है जहां पेट्रोलियम उत्पादों को आगे प्रसंस्करण या परिवहन के लिए भेजे जाने से पहले अस्थायी रूप से टैंकों में रखा जाता है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रधान सचिव को ऑयल इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के संपर्क में रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी।

सीएमओ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के निर्देश पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डिब्रूगढ़ जिले के तेंगाखत टैंक फार्म में हुए विस्फोट और आग लगने की घटना के संबंध में ऑयल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के संपर्क में हैं।’’ सीएमओ ने कहा, ‘‘ऑयल इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक से घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और जान गंवाने वालों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का आग्रह किया गया है। ऑयल इंडिया लिमिटेड ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कराने और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।’’ सीएमओ ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। ओआईएल ने शनिवार को प्रत्येक मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं। ओआईएल की ओर से नियुक्त कंपनी स्पेक्ट्रॉन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के एक कर्मचारी की गुवाहाटी के अस्पताल में मौत हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि हालत बेहद गंभीर होने के बाद कर्मचारी को गुवाहाटी ले जाया गया था।

मृतक की पहचान रूपम गोहेन के रूप में हुई है। कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक कमल फूकन ने शनिवार को इंजीनियर तपस ज्योति गोगोई की मौत की पुष्टि की। डिब्रूगढ़ के मिलन नगर स्थित एन गली के निवासी गोगोई और गोहेन उन छह कर्मचारियों में शामिल थे, जो विस्फोट में झुलस गए थे।

घायल कर्मचारियों को पहले डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएमसीएच) ले जाया गया था और बाद में उन्हें यहां के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। गोगोई के बड़े भाई ने बताया कि वह लगभग 70 प्रतिशत तक झुलस गए थे और शनिवार तड़के करीब तीन बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। वह पिछले 13 वर्षों से इस कंपनी में काम कर रहे थे।

उनके परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और एक बेटी हैं। अधिकारियों ने बताया कि घायल कर्मचारियों में से तीन की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार शुक्रवार को जब यह हादसा हुआ तब मौके पर कुल नौ कर्मचारी मौजूद थे।

इनमें से सात कर्मचारी घायल हो गए थे जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को मारे गए व्यक्ति की पहचान राजू दत्ता के रूप में हुई थी।

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