UCC लागू करने की तैयारी, Assam में नियम बनाने के लिए आठ सदस्यीय समिति गठित

असम में समान नागरिक संहिता लागू करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने आठ सदस्यीय समिति का गठन किया है। गृह एवं राजनीतिक विभाग के सचिव देव प्रसाद मिश्रा की अध्यक्षता वाली यह टीम एक महीने के भीतर नियमों का मसौदा पेश करेगी। मई में पारित इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र के पास भेजा जा चुका है।
असम सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए नियम तैयार करने के वास्ते एक समिति का गठन किया है। राजनीतिक विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना से यह जानकारी मिली है। अधिसूचना के मुताबिक, आठ सदस्यीय समिति एक महीने के भीतर नियमों का मसौदा सौंप देगी।
असम विधानसभा ने 27 मई को ‘समान नागरिक संहिता, असम, 2026 विधेयक’ पारित किया था। इसका मकसद एक ऐसा समान कानूनी ढांचा तैयार करना है, जो धर्म की परवाह किए बिना विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और सह-जीवन साथी से जुड़े मामलों को नियंत्रित करे। गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी ने 13 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा कि विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है।
यह आदेश बृहस्पतिवार को मीडिया को उपलब्ध कराया गया। अधिसूचना के अनुसार, गृह एवं राजनीतिक विभाग के सचिव देव प्रसाद मिश्रा समिति के अध्यक्ष होंगे। इसमें कहा गया है कि समिति के सदस्यों में वित्त विशेष आयुक्त और सचिव पार्थ प्रतिम मजूमदार, विधायी सचिव गीतांजलि डी सैकिया, अल्पसंख्यक कल्याण एवं विकास सचिव फरीदा शम्सुल और गृह एवं राजनीतिक मामलों के अतिरिक्त सचिव मृदुल कुमार दास शामिल हैं।
असम मई में उत्तराखंड और गुजरात के बाद यूसीसी विधेयक पारित करने वाला तीसरा राज्य बन गया था।
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