Police Custody में अमानवीय बर्ताव का आरोप, पूर्व DMK मंत्री Anbil Mahesh ने मांगी Bail

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अभिनय आकाश । Oct 30 2026 3:28PM

100 करोड़ रुपये के प्राइवेट स्कूल मान्यता घोटाले में मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। वहीं, अपनी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्होंने हिरासत में बुनियादी सुविधाओं, दवाओं के अभाव और अमानवीय व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया।

मद्रास हाई कोर्ट ने पूछताछ के लिए पुलिस को तीन दिन की कस्टडी दी है, लेकिन इसी बीच तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और DMK नेता अनबिल महेश पोय्यामोझी ने आरोप लगाया है कि कस्टडी में उनके साथ मानवीय व्यवहार नहीं किया जा रहा है और उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। ये आरोप उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान लगाए गए। उनके वकील ने उनके स्वास्थ्य और उन्हें जिस हालत में रखा गया है, उसे लेकर चिंता जताई। पूर्व मंत्री ने कोर्ट से यह भी कहा कि वे कहीं भागेंगे नहीं और जमानत की मांग की। सुनवाई के दौरान, अनबिल महेश के वकील ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब का हवाला देते हुए तर्क दिया कि कसाब को भी बेहतर सुविधाएं दी गई थीं।

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वहीं, अनबिल महेश ने अदालत को बताया कि उनके पूरे परिवार ने तमिलनाडु के लिए काम किया है और उन्होंने खुद को राज्य के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने अदालत में कहा कि मैंने इस राज्य के लिए अपना खून बहाया है। मुझे जमानत मिलनी चाहिए। अनबिल महेश ने चिकित्सा सुविधा और घर का बना खाना मांगा। पूर्व मंत्री ने हिरासत में रहते हुए घर का बना खाना मंगाने की अनुमति मांगी और आरोप लगाया कि उन्हें उनकी निर्धारित दवाएं नहीं दी जा रही हैं। अपनी स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए, उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें उचित चिकित्सा देखभाल और दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने सीसीटीवी की अत्यधिक निगरानी पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि रात भर लाइटें जली रखी जाती हैं, जिससे उन्हें सोने नहीं दिया जाता। उन्होंने इन हालात को बुनियादी मानवीय संवेदनाओं से रहित बताया। ये आरोप तब लगाए गए जब अदालत उसकी ज़मानत अर्ज़ी और पुलिस की कस्टडी की मांग पर विचार कर रही थी। इसके बाद मद्रास हाई कोर्ट ने उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का निर्देश दिया।

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100 करोड़ रुपये के प्राइवेट स्कूल मान्यता घोटाले से जुड़ा मामला


यह मामला प्राइवेट स्कूलों को स्थायी मान्यता देने का वादा करके उनसे 100 करोड़ रुपये तक की वसूली करने के भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। आरोपी मुथुकुमार (जिसे A2 के रूप में सूचीबद्ध किया गया है) ने गुरुवार को चेन्नई की एक अदालत में सरेंडर कर दिया। इसके बाद उसे 12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल कस्टडी) में भेज दिया गया।
 

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