Amarnath Yatra बम बम भोले के जयकारों के साथ शुरू, PM Modi ने भक्तों को लिखा पत्र, झूमते हुए आगे बढ़ रहे श्रद्धालु

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के नाम विशेष संदेश जारी किया है। उन्होंने यात्रा को आध्यात्मिक आस्था, सांस्कृतिक एकता और सेवा भावना का प्रतीक बताते हुए इसे देश की महान परंपरा बताया है।
दक्षिण कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से लगभग 3880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए वार्षिक अमरनाथ यात्रा आज से विधिवत आरंभ हो गई। तड़के से ही श्रद्धालुओं के जत्थे पारंपरिक नुनवान पहलगाम मार्ग तथा बालटाल मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए। रुक रुक कर हो रही बारिश और ठंडे मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। यात्रा के आरंभ के साथ ही पूरे क्षेत्र में बम बम भोले और हर हर महादेव के जयकारे गूंज उठे।
अधिकारियों के अनुसार यात्रा दो प्रमुख मार्गों से संचालित की जा रही है। अनंतनाग जिले के नुनवान पहलगाम मार्ग की लंबाई लगभग 48 किलोमीटर है, जबकि गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग की दूरी लगभग चौदह किलोमीटर है। बालटाल मार्ग छोटा होने के बावजूद अधिक दुर्गम माना जाता है। श्रद्धालुओं में पुरुषों, महिलाओं, साधुओं और विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिव भक्तों की बड़ी संख्या शामिल है। संबंधित उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने श्रद्धालुओं के जत्थों को हरी झंडी दिखाकर आधार शिविरों से रवाना किया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के नाम विशेष संदेश जारी किया है। उन्होंने यात्रा को आध्यात्मिक आस्था, सांस्कृतिक एकता और सेवा भावना का प्रतीक बताते हुए इसे देश की महान परंपरा बताया है। प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान न मानकर स्वच्छता, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अलग अलग राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से आने वाले श्रद्धालु भगवान शिव के प्रति समान भक्ति के कारण एक सूत्र में बंध जाते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में पांच प्रमुख संकल्पों का उल्लेख किया। इनमें यात्रा मार्ग को स्वच्छ रखने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, स्थानीय उत्पादों की खरीद कर जम्मू-कश्मीर के लोगों की आजीविका को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण को बढ़ावा देने और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान शामिल है। उन्होंने भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, जम्मू कश्मीर पुलिस, सीमा सुरक्षा बल, आपदा राहत बल, स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवकों की सेवाओं की भी सराहना की।
इस बीच, यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए इस बार सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और अन्य अर्धसैनिक बलों के हजारों जवान तैनात किए गए हैं। हवाई निगरानी के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। जम्मू में पुलिस उपमहानिरीक्षक श्रीधर पाटिल ने सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों और आपसी समन्वय की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। वहीं श्रद्धालुओं ने भी सुविधाओं पर संतोष जताया है।
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