America के Luxury Cruise पर Norovirus का बड़ा Outbreak, 4000 लोगों के बीच 125 संक्रमित

Norovirus
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सैन फ्रांसिस्को से चले एक लक्जरी क्रूज पर नोरोवायरस का प्रकोप फैल गया है, जिससे चालक दल समेत 125 लोग बीमार हो गए हैं। यह एक अत्यधिक संक्रामक पेट का संक्रमण है जो उल्टी-दस्त का कारण बनता है और बंद जगहों पर तेजी से फैलता है।

क्या आपको भी लग्जरी क्रूज ट्रिप बेहद पसंद है? अगर आप भी क्रूज जहाज की ट्रिप पर जाते हैं, तो एक बार इस खबर को जरुर पढ़े। दरअसल, अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से कनाडा और अलास्का की यात्रा पर निकले एक लग्जरी क्रूज जहाज में नोरोवायरस का बड़ा प्रक्रोप सामने आया है। 

इस संक्रमण की चपेट में 125 लोग आए हैं, जिनमें 102 यात्री और 23 चालक दल के सदस्य भी शामिल हैं। इस घटना के बाद हेल्थ एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। आखिर यह वायरस कैसे फैलता है चलिए आपको तमाम जानकारी साझा करते हैं।

 

नोरोवायरस क्या है और यह इतना तेजी से क्यों फैलता है?

दरअसल, नोरोवायरस पेट और आंत से संबंधित अत्यधिक संक्रामक वायरस है। यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, दूषित भोजन या पानी पीने और संक्रमित सतहों को छूने से फैल सकता है। क्रूज जहाज, हॉस्टल, अस्पताल और वृद्धाश्रम जैसी जगहों पर इसके फैलने का खतरा अधिक रहता है क्योंकि यहां पर बड़ी संख्या में लोग सीमित जगह में रहते हैं। 

वैसे कुछ लोगों में यह संक्रमण कुछ दिन में ही ठीक हो जाता है। लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से परेशान लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

जानें कितने लोग प्रभावित हुए और कंपनी ने क्या कदम उठाए

 सीडीसी के अनुसार, रूबी प्रिंसेस क्रूज पर लगभग 3,032 यात्री और 1,144 चालक दल के सदस्य मौजूद थे। संक्रमण की जानकारी 28 जून को स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई। लेकिन संक्रमित एक साथ बीमार नहीं हुए थे। इस मामले को लेकर प्रिंसेस क्रूज कंपनी ने बताया कि जहाज पर अतिरिक्त स्वच्छता अभियान चलाया गया। जहाज को अगली यात्रा से पहले पूरी तरह साफ और कीटाणुरहित किया गया ताकि संक्रमण दोबारा न फैले। 

जाने इसके लक्षण और बचाव की तरीके

- अचानक से उल्टी होना

- दस्त लगना

- पेट में तेज दर्द

- मतली (जी मिचलाना)

- कमजोरी महसूस होना

- लक्षण एक से तीन दिन तक रह सकते हैं      

बचाव 

 -इससे बचने के लिए साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं।

 - भोजन करने से पहले और शौचालय के बाद हाथ अच्छी तरह साफ करें।

 - संक्रमित व्यक्ति के संपर्क और दूषित भोजन से बचें।

 - ध्यान रखें कि साफ और सुरक्षित भोजन व पानी का सेवन करें।

 - संक्रमित सतहों को नियमित रूप से साफ और कीटाणुरहित करें।

 - सिर्फ हैंड सैनिटाइजर पर निर्भर न रहें, साबुन-पानी का उपयोग करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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