विवादित बयान पर Rahul Gandhi को Allahabad High Court से मिली राहत, FIR दर्ज करने की याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनके 'इंडियन स्टेट' वाले बयान पर बड़ी राहत देते हुए एफआईआर दर्ज करने की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने याचिका को कमजोर बताते हुए संभल की निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा, जिससे गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग समाप्त हो गई है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह मामला राहुल गांधी द्वारा दिए गए एक पुराने बयान से जुड़ा था, जिस पर शुक्रवार को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने पहले ही इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और 8 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद राहुल गांधी के उस बयान से शुरू हुआ था जो उन्होंने 15 जनवरी 2025 को कांग्रेस के नए मुख्यालय 'इंदिरा भवन' के उद्घाटन के दौरान दिया था। याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी का बयान देश के खिलाफ है। उन्होंने पहले संभल की निचली अदालत में शिकायत की थी, लेकिन वहां से अर्जी खारिज होने के बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को सही माना और याचिका को कमजोर बताते हुए रद्द कर दिया।
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राहुल गांधी के कौन से बयान पर हुआ था विवाद?
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि उनकी लड़ाई सिर्फ भाजपा या आरएसएस से नहीं है, बल्कि इंडियन स्टेट से भी है। उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा और आरएसएस ने देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है, इसलिए यह लड़ाई अब निष्पक्ष नहीं रह गई है। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस की विचारधारा हजारों साल पुरानी है और वे इसी विचारधारा के साथ संघर्ष कर रहे हैं। इसी 'इंडियन स्टेट' वाले शब्द के इस्तेमाल को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने की कोशिश की गई थी।
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