ये किस देश को तेल बेच आया भारत का जहाज, पागल हुए कई देश

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अभिनय आकाश । Jul 4 2026 1:47PM

भारत ने जून के महीने में प्रतिदिन 2. 35 मिलियन बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदा। यानी पूरे जून के महीने में भारत ने रूस से 70.5 मिलियन बैरल तेल खरीद लिया। रूस से तेल खरीदने के मामले में भारत ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लेकिन इसी खबर के बाद एक ऐसी खबर आई जिसने एक और नया रिकॉर्ड बना दिया।

भारत ने एक ऐसे देश को पेट्रोल बेच दिया है जिसका अंदाजा भी कोई नहीं लगा सकता। कई देश तो यह समझ ही नहीं पा रहे कि भारत ने यह चमत्कार कर कैसे दिया। भारत ने किस देश को पेट्रोल बेचा है वह जानने से पहले आप इन होश उड़ा देने वाले आंकड़ों पर नजर डाल लीजिए। कल ही खबर आई थी कि जून के महीने में भारत ने रूस से तेल इंपोर्ट के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारत ने जून के महीने में प्रतिदिन 2. 35 मिलियन बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदा। यानी पूरे जून के महीने में भारत ने रूस से 70.5 मिलियन बैरल तेल खरीद लिया। रूस से तेल खरीदने के मामले में भारत ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लेकिन इसी खबर के बाद एक ऐसी खबर आई जिसने एक और नया रिकॉर्ड बना दिया। 

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भारत ने अब रूस को ही पेट्रोल बेचना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने सबसे पहले रूस से कच्चा तेल खरीदा। उसे प्रोसेस करके पेट्रोल बनाया। इसके बाद 60 मेट्रिक टन गैसोलिन यानी पेट्रोल रूस को ही बेच दिया। यानी भारत अब रूस को पेट्रोल बेच रहा है। यह तो पूरा खेल ही पलट गया है। लेकिन सवाल यह है कि रूस भारत से पेट्रोल खरीद क्यों रहा है? दरअसल यूक्रेन ने रूस की ऑयल रिफाइनरीज पर हमला कर दिया है। जिसकी वजह से रूसी ऑयल रिफाइनरीज की क्षमता 25% कम हो गई है। यानी रूस में पेट्रोल की कमी हो गई है। 

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रूस कच्चा तेल तो निकाल रहा है लेकिन उसे प्रोसेस करके पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस नहीं बना पा रहा क्योंकि यूक्रेनी धमाकों के चलते रूस की ऑयल, रिफाइनरीज अपनी क्षमता के हिसाब से काम ही नहीं कर पा रही। ऐसे में रूस ने भारत से मदद मांगी। भारत ने भी रूस की तुरंत मदद की और 60 मेट्रिक टन गैसोलिन रूस को भेज दिया। रूस अब हर महीने अलग-अलग देशों से 4 लाख मेट्रिक टन गैसोलिन इंपोर्ट करने का प्लान बना रहा है। जिसमें पहले नंबर पर भारत है तो दूसरे नंबर पर रूस का पड़ोसी देश बेलारूस। बताइए एक तरफ भारत रिकॉर्ड मात्रा में रूस से कच्चा तेल ले रहा है तो दूसरी तरफ रिकॉर्ड मात्रा में रूस को पेट्रोल बेच भी रहा है। भारत में बैठे कई लोग बोल रहे थे कि भारत अमेरिका के दबाव में रूसी तेल नहीं खरीद रहा। 

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