ईरान पर अमेरिका का हमला, अब मोजतबा लेंगे भयंकर बदला

अमेरिकी सेना ने ईरान के केश्वम द्वीप पर हमला कर एक मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिया। इसके बाद सेंटकॉम प्रमुख ने डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर संभावित सैन्य विकल्पों की जानकारी दी। वहीं दूसरी ओर, तनाव के बीच शांति वार्ता की संभावनाएं तलाशने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वरिष्ठ ईरानी नेतृत्व से संपर्क साधा है।
ईरान के केश्वम द्वीप पर अमेरिका ने हमला किया है। यूएस एयरफोर्स ने मिसाइल लांचर को टारगेट किया है। हमले में ईरानी मिसाइल लांचर तबाह हुआ है। सेंट कॉम अधिकारी ने कहा कई दिनों से थी इस इलाके पर नजर और अब हमले की भी खबर सामने आ रही है। सेंट कॉम के अधिकारी ने कहा है कि कई दिनों से इस इलाके पर हमारी नज़र थी और अब हमला हुआ है। सुरंग से टक्कर के बाद टैंकर में भीषण आग लग गई। टक्कर के बाद जहाज में जोरदार धमाका हुआ। आईआरजीसी ने दावा किया चौथा जहाज भी बारूदी सुरंग की चपेट में आया और ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका मिड टर्म चुनाव के बाद ईरान पर हमला संभव है। सॉम प्रमुख ब्रैट कूपर और ट्रंप की मुलाकात भी हुई है। ब्रैट कूपर ने ट्रंप को दी है। ईरान पर पूरी जानकारी। ईरान पर हमले की तैयारी के बीच यह अहम बैठक है। तो ईरान पर नए हमले का काउंट डाउन। जी हां, खबर क्या है? सबसे पहले यह देखिए। यूएस ने ईरान पर फिर से हमले की तैयारी शुरू की है। ईरान पर हमले की तैयारी के बीच अहम बैठक। सेंट कॉम प्रमुख ब्रट कूपर ने ट्रंप को ब्रीफ किया। ईरान पर संभावित सैन्य विकल्पों की जानकारी दी। पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य तैयारी पर चर्चा। जरूरत पड़ने पर जवाबी कारवाई की भी तैयारी।
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मिड टर्म चुनाव के बाद ईरान पर हमले की आशंका है। पश्चिम एशिया में फिर से सैन्य टकराव का खतरा है। ट्रंप के अगले फैसले पर दुनिया की भी नजर है। अमेरिका में चुनाव है और उसके बाद ट्रंप को अपनी स्थिति मजबूत भी करनी है। वो तो अगला चुनाव भी लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वॉर एक स्केप रूट है अपनी पॉपुलैरिटी को खत्म होने से बचाने का और क्या नेतन्याहू के फुटप्रिंट्स पर अमेरिका ट्रंप चलते दिखाई देते हैं ईरान के केस में। ईरान के नए सुप्रीम लीडर के कमान संभालने के बाद जो आईआरजीसी की टीम में बदलाव हुआ था तब से ईरान के तरफ से भी बार-बार ये कहा जाता है कि अगर ईरान पर खतरा बढ़ा तो वो प्रिएटिव स्ट्राइक कर सकते हैं।
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कैबिनेट बैठक के दौरान, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने राजनयिक घटनाक्रमों और क्षेत्रीय परामर्शों पर एक रिपोर्ट पेश की। इसमें विशेष रूप से कतरी प्रतिनिधिमंडल और पाकिस्तान के सेना प्रमुख की यात्राओं का जिक्र था। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के रुख में यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिश में, ईरान के सबसे शक्तिशाली कट्टरपंथियों में से एक के साथ सीधा संपर्क साधा है। वेंस ने मोहसेन रेज़ाई को एक पत्र भेजा, जो ईरान की 'सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद' के सचिव हैं और 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) के पूर्व कमांडर रह चुके हैं। इस पहल का मकसद यह पता लगाना था कि क्या वाशिंगटन और तेहरान बातचीत के लिए कोई रूपरेखा तैयार कर सकते हैं। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के अनुसार, इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि यह पत्र ट्रम्प के निर्देश पर भेजा गया था, और राष्ट्रपति को इस पहल के बारे में पूरी जानकारी है।
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