France में 75 जगहों पर आगजनी और 24 दुकानों में लूटपाट, Police ने 1314 को किया गिरफ्तार

Sebastien
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फ्रांस में महंगाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों में पुलिस ने 1,314 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि 53 पुलिसकर्मियों समेत कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इन प्रदर्शनों के दौरान आगजनी और लूटपाट की घटनाएं भी दर्ज की गईं। इस बीच, स्कूलों की स्थिति और मांगों को लेकर प्रधानमंत्री सोमवार को छात्र प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक करेंगे।

फ्रांस के गृह मंत्रालय ने बताया कि सप्ताहांत पर बढ़ती महंगाई के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने 1,314 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि झड़पों में 53 पुलिस अधिकारी घायल हो गए। शनिवार को देश के बड़े शहरों में हुए बड़े प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी, जो लगातार दूसरे सप्ताहांत अशांति का कारण बनी। ये विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहे हैं जब फ्रांस में अप्रैल और मई में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों में मतदाता राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के उत्तराधिकारी को चुनेंगे। मैक्रों का संवैधानिक रूप से तय दो कार्यकाल का समय अब ​​पूरा होने वाला है। गृह मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस को 75 जगहों पर लगी आग को बुझाने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी, जबकि 24 दुकानों में लूटपाट हुई। प्रशासन ने इन घटनाओं की कई जांच शुरू कर दी हैं, हालांकि अधिकारियों ने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। मंत्रालय ने बताया कि झड़पें शांत होने के बाद शनिवार रात का बाकी समय शांतिपूर्ण रहा। मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि विरोध प्रदर्शनों में कुल कितने लोग घायल हुए हैं। हालांकि, गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने शनिवार देर रात जानकारी दी कि दो प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं एक टूलूज़ में और दूसरा क्लेरमोंट-फेरंड में।

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पुलिस की कार्रवाई में प्रदर्शनकारी घायल


टूलूज़ में अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान 20 वर्षीय एक युवक के हाथ में गंभीर चोट आई है। प्रदर्शनकारियों का इलाज करने वाले एक स्ट्रीट मेडिक ने नाम न छापने की शर्त पर AFP को बताया कि उस युवक के दाहिने हाथ की कई उंगलियां कट गई हैं। क्लेरमोंट-फेरंड में भी एक अन्य व्यक्ति के हाथ में चोट आई है, हालांकि स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि उसकी कोई उंगली नहीं कटी है। क्षेत्रीय समाचार पत्र 'ला नोवेल रिपब्लिक' ने भी रिपोर्ट दी है कि पोइटियर्स में एक व्यक्ति की बाईं आंख में चोट आई है। अखबार के फोटोग्राफर ने AFP को बताया कि 19 वर्षीय यह युवक उस समय घायल हुआ, जब दंगा-रोधी पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। हाल के हफ्तों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए गए स्टन ग्रेनेड या आंसू गैस के गोलों से प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि शनिवार के प्रदर्शनों के दौरान हुई चोटें इन्हीं हथियारों की वजह से लगी थीं या नहीं। अधिकारियों ने इनमें से कुछ मामलों की जांच शुरू कर दी है।

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आज छात्र नेताओं के साथ अहम बैठक


इस बीच, प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू सोमवार को शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ्रे और उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट के साथ छात्र प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। पेरिस के मैटिग्नॉन में प्रधानमंत्री कार्यालय में होने वाली यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब सरकार पर शिक्षा में किए गए वादों को पूरा करने और देश के स्कूलों की स्थिति को लेकर जताई जा रही चिंताओं का समाधान करने का दबाव बढ़ रहा है। उम्मीद है कि बैठक के बाद गेफ्रे और बैप्टिस्ट एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करेंगे।


फ्रांस में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?


फ्रांस के हाई स्कूल के छात्र एक महीने से भी अधिक समय से अभियान चला रहे हैं। वे स्कूलों की स्थिति में सुधार और शिक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनके विरोध प्रदर्शनों के दौरान स्कूलों के परिसरों को भी अवरुद्ध किया गया है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई की अभिभावकों, छात्रों, मानवाधिकार समूहों और विपक्षी नेताओं ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने अधिकारियों पर विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।

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