भारत-वियतनाम Strategic Partnership होगी मजबूत, NSA Ajit Doval ने की अहम वार्ता

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपनी दो दिवसीय वियतनाम यात्रा के दौरान राष्ट्रपति तो लाम और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। दोनों देशों ने कानून प्रवर्तन, साइबर और समुद्री सुरक्षा में आपसी सहयोग व क्षमता निर्माण को बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने वियतनाम की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान वहां के राष्ट्रपति 'तो लाम' से मुलाकात की और उन्हें वियतनाम के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बातचीत के बारे में जानकारी दी। 1 और 2 नवंबर की अपनी यात्रा के दौरान, डोभाल ने सुरक्षा, रक्षा, व्यापार तथा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने 'भारत-वियतनाम एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (भारत-वियतनाम विस्तारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी) के तहत हुई प्रगति की भी समीक्षा की। डोभाल ने लाम से मुलाकात की, जो वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव भी हैं, और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। हनोई में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि डोभाल ने भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में लगातार समर्थन देने के लिए लाम का धन्यवाद किया।
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दूतावास के अनुसार, मुलाकात के दौरान डोभाल ने वियतनामी नेताओं के साथ हुई अपनी बातचीत के नतीजों के बारे में लाम को जानकारी दी और मई में वियतनाम के राष्ट्रपति की भारत यात्रा को याद किया। डोभाल ने वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री, जनरल लुओंग टैम क्वांग से भी मुलाकात की। उन्होंने कानून प्रवर्तन, साइबर, समुद्री और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की और इन क्षेत्रों में क्षमता निर्माण को मजबूत करने पर सहमति जताई। दूतावास ने कहा कि इन वार्ताओं से "भारत और वियतनाम के बीच गहरी और आपसी भरोसे वाली सभ्यतागत साझेदारी" झलकती है। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए। वियतनाम के उप-प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री, जनरल फान वान गियांग के साथ एक बैठक में, डोभाल ने दोनों देशों के बीच चल रहे रक्षा सहयोग की समीक्षा की। दोनों पक्ष इस क्षेत्र में अपने जुड़ाव को और मजबूत करने पर सहमत हुए।
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डोभाल ने विदेश मामलों के मंत्री ले होआई ट्रुंग से भी मुलाकात की। उन्होंने 2027 में भारत और वियतनाम के बीच राजनयिक संबंधों की 55वीं वर्षगांठ मनाने के तरीकों पर चर्चा की। दूतावास ने बताया कि इस वर्षगांठ को 'एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (विस्तारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी) की भावना के अनुरूप मनाया जाएगा। अपनी यात्रा के दौरान, डोभाल हनोई में स्थित ऐतिहासिक 'क्वान सु पगोडा' गए, जो 'नेशनल वियतनाम बुद्धिस्ट संघ' का मुख्यालय है। दूतावास ने बौद्ध धर्म को भारत और वियतनाम के लोगों के बीच एक सभ्यतागत सेतु बताया।
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