कुद्स की आखिरी जंग, हज कासिम से अली की शहादत का बदल, अल्लाह हू अकबर बोल ईरान ने दाग दी मिसाइल

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अभिनय आकाश । Mar 19 2026 12:08PM

हज कासिम जंग के 19वें दिन हज कासिम मिसाइल की लहर ईरान ने दाग दी है। यह पहली बार है जब ईरान ने हज कासिम निकाली है। आईआरजीसी ने हमले का वीडियो जारी करके इस बात की तस्दीक की है कि हज कासिम मिसाइल लंबी दूरी तक एकदम सही निशाना लगा सकती है।

ईरान ने ऐलान कर दिया है कि देश की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल जो सीधे सुप्रीम लीडर के प्रति जिम्मेदार है उसके चीफ अली लारजानी की शहादत हो गई है। बकौल ईरानी मीडिया अली लारजानी ईरान के बड़े लीडर और रणनीतिकार थे। लेकिन ईरान का हर नेता इस वक्त शहादत के जुनून में रंगा हुआ है। यह एक बड़ी ऐतिहासिक लड़ाई है और कुदस की आखिरी जंग है। जाहिर है इसमें बड़ी और अजीम कुर्बानियां देनी होंगी। ईरान इस युद्ध को फतह करके ही रहेगा। इसके लिए उसके पास 1000 लारीजानी और तैयार हैं। ईरानी मीडिया बता रहा है कि अमेरिका और इसराइल इस युद्ध में ईरान को घुटनों पर ला नहीं सकते। वो किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं कर पाएंगे और एक के बाद एक तैयार खड़े हैं जामे शहादत नोश फरमाने के लिए। इसके साथ ही ईरान ने अपने मिसाइलों के जखीरे से वो मिसाइल निकाली है जो इसराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम की जद में आती ही नहीं। हज कासिम जंग के 19वें दिन हज कासिम मिसाइल की लहर ईरान ने दाग दी है। यह पहली बार है जब ईरान ने हज कासिम निकाली है। आईआरजीसी ने हमले का वीडियो जारी करके इस बात की तस्दीक की है कि हज कासिम मिसाइल लंबी दूरी तक एकदम सही निशाना लगा सकती है। 

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ईरान ने अपने मिसाइलों के जखीरे से वो मिसाइल निकाली है जो इसराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम की जद में आती ही नहीं। जी हां, हज कासिम जंग के 19वें दिन हज कासिम मिसाइल की लहर ईरान ने दाग दी है। यह पहली बार है जब ईरान ने हज कासिम निकाली है। आईआरजीसी ने हमले का वीडियो जारी करके इस बात की तस्दीक की है कि हज कासिम मिसाइल लंबी दूरी तक एकदम सही निशाना लगा सकती है। पांच छ दो। अकबर ईरान की हज कासिम एक एडवांस मीडियम रेंज की बैलेस्टिक मिसाइल है जो ठोस ईंधन से चलती है जिसे 2020 में अनावरण किया गया था। यह 1400 कि.मी. से ज्यादा की रेंज और बेहद ही सटीक तरीके से अपने लक्ष्य को भेदने में अहल है। यह मिसाइल खासतौर से आयरन डोम और पेट्रियट जैसे एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए डिजाइन की गई हैं। हुसैन हुसैन शिया ऐमा शहादत इफ्तखारे ऐमा के नारों के साथ ये मिसाइलें दागी जा रही हैं। जिसका अर्थ है इमाम हुसैन हमारे मार्गदर्शक हैं और उनकी शहादत हमारा गौरव है। यह नारा इमाम हुसैन की कर्बला की शहादत की याद में उनके बलिदान को सर्वोच्च सम्मान और मार्गदर्शन मानने के लिए लगाया जाता है जो आस्था और गौरव का प्रदर्शन है। तो जिस हज कासिम मिसाइल को ईरान ने 61वीं लहर में मारा है वो मिसाइल साल 2020 में अमेरिका के जरिए मारे गए ईरानी खुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के नाम पर रखी गई है और भारी तबाही मचाने के लिए जानी जाती है। कहा जा रहा है कि इसराइल से लेकर ख्ते में बचे हुए अमेरिकी ठिकानों को इस मिसाइल के जरिए ही ईरान ध्वस्त करने की तैयारी में है।

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अब ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस फोर की हर लहर में वो ऐसी मिसाइलें छोड़ रहा है जो इसराइल अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम को थका रही हैं। ईरान के रेवोलशनरी गार्ड्स के कमांडर इन चीफ के सलाहकार इब्राहिम जबारी के मुताबिक तेहरान के पास मिसाइलों की नई और एडवांस पीढ़ी मौजूद है। जिन्हें अभी तक युद्ध में इस्तेमाल नहीं किया गया था। जबबारी ने यह भी दावा किया था कि ईरान लंबे समय तक युद्ध लड़ने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक इलाके में मौजूद अमेरिका के सैन्य ढांचों पर किए गए हमलों में लगभग 70 फीसदी अमेरिकी ठिकानों और मुख्यालयों को नुकसान पहुंचाया जा चुका है।

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