खलीफा की डॉल्फिन आर्मी मचाएगी तबाही! अमेरिकी कैंप में फैली सनसनी

ईरान का यह डॉल्फिन वेपन अब तक किसी ने नहीं देखा। अमेरिका को लगता है कि सिर्फ वही डॉल्फिनस को आर्मी ट्रेनिंग देता है। लेकिन ईरान की डॉल्फिन आर्मी देखकर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की होगी। होर्मुज में तैनात ईरान की कामिकाजे डॉल्फिन आ गई।
स्टेट ऑफ़ हार्मोस की 3 महीने तक नाकेबंदी के बावजूद अमेरिकी नौसेना ईरान की घेराबंदी क्यों नहीं तोड़ पाई? जिसकी वजह है वो सीमा आइं यानी समुद्र के भीतर बारूदी सुरंग जिसके आगे दुनिया की सबसे ताकतवर नेवी के पसीने छूट गए। अब ईरानी नेवी ने इसी स्टेट ऑफ हॉर्मोस में डॉल्फिन की ऐसी फौज तैनात की जिसके बारे में अमेरिकी नौसेना को पिछले 4 महीने से पता नहीं था। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस में ईरानी नसेना ने चप्पे-चप्पे पर सी माइनस बिछाने के बाद अब कामिकाजे डॉल्फिनस को पूरे हॉर्मोस में तैनात किया है। ईरान का यह डॉल्फिन वेपन अब तक किसी ने नहीं देखा। अमेरिका को लगता है कि सिर्फ वही डॉल्फिनस को आर्मी ट्रेनिंग देता है। लेकिन ईरान की डॉल्फिन आर्मी देखकर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की होगी। होर्मुज में तैनात ईरान की कामिकाजे डॉल्फिन आ गई।
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ये डॉल्फिन यूएस की युद्ध और टैंकर्स को उड़ाने में सक्षम है। तो क्या अब अकेले अपनी सेना के दम पर स्टेट ऑफ हॉरमोस से ईरान का कब्जा हटाएंगे ट्रंप? अगर ऐसा हुआ तो ट्रंप हॉर्मोस में वेपन क्या इस्तेमाल करेंगे? यह वही ट्रेन डॉल्फिन जो यूक्रेन के साथ समुद्री जंग में रूस इस्तेमाल कर चुका है और अब ईरानी नेवी हॉर्मूस में करने को तैयार है। ईरान से जंग के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने दावे बहुत किए। मसलन ईरान में कुछ बचा नहीं। हमने सब कुछ तहसनहस कर दिया। ईरान घुटनों पर आ गया। सीजफायर हो गया। लेकिन अपनी मांगों को मनवाने के लिए ट्रंप छटपटाते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। ईरान इस जंग के एक ऐसे मुहाने पर खड़ा है जहां ट्रंप हलकान दिखाई पड़ रहे हैं।
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कामिकाजे डॉल्फिनस क्या होती हैं?
ईरान के समुद्री सीमा वाले स्टेट ऑफ़ हार्मोस में कामिकाजे डॉल्फिन किसी सुसाइड बमबर की तरह काम कर रही है। इस खबर ने दुनिया भर के सिक्योरिटी एक्सपर्ट के होश उड़ा दिए। इंटरनेशनल डिफेंस गलियारों में दावा यह कि ईरान समंदर में अमेरिकी नौसेना और कमर्शियल तेल टैंकरों को तबाह करने के लिए इंसानी सुसाइड बमबर्स के तर्ज परमिकाजे डॉल्फिन का पूरा बीड़ा तैयार हो चुका है। इन डॉल्फिन को आत्मघाती हमलों की मिलिट्री ट्रेनिंग दी। कई रिपोर्ट्स में दावा यह कि ईरान इन डॉल्फिन मछलियों के शरीर पर भारी-भरकम बारूद बांध चुका है। इसके साथ विस्फोटक और घातक समुद्री माइस के साथ अमेरिकी युद्धपोतों की तरफ छोड़ देता है। जैसे ये डॉल्फिन जहाजों के निचले हिस्से से टकराती है वैसे ही एक भयानक घास होता है। पूरा का पूरा जहाज समंदर की गहराइयों में समा जाता है। इस डरावनी थ्योरी ने अमेरिकी शिपिंग कंपनीज़ के बीच एक खलबली फैला दी। जिसके चलते पेंटागन को कैमरे के सामने आकर बयान जारी करना पड़ा। दरअसल सुसाइडर डॉल्फिन वाले हथियार की थ्योरी जून में ही खूब वायरल हुई। तब हाई प्रोफाइल पेंटागन ब्रीफिंग के दौरान जब पत्रकारों ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेग्सेथ का कामिकाजे डॉल्फिन के बारे में सीधा और तीखा सवाल डाल दिया। तब हेग्सेथ ने कहा कि मैं इस बारे में गारंटी के तौर पर कुछ नहीं कह सकता। लेकिन यह सच है कि अमेरिका और रूस जैसे देश का कामकाजे डॉल्फिनस का इस्तेमाल मिलिट्री ऑपरेशंस के लिए करते हैं।
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