निकल गई अकड़...मिड टर्म चुनाव में कैसे भारतवंशियों ने धुआं उड़ा दिया?

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अभिनय आकाश । Nov 4 2026 12:48PM

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स ने बढ़त बनाई है, जबकि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इन चुनावों में पिया डांडिया और सुहास सुब्रह्मण्यम सहित कई भारतवंशी उम्मीदवारों ने शानदार जीत हासिल की है। एग्जिट पोल्स के अनुसार, बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के कारण अधिकांश मतदाता ट्रंप के कामकाज से बेहद असंतुष्ट हैं।

अमेरिका में मिड टर्म चुनाव के नतीजों में ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन को जोरदार झटका लगता नजर आ रहा है। वहीं विपक्षी दल डेमोक्रेट्स ने अच्छी खासी बढ़त बनाई है। इस चुनाव में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की सभी 435 सीटों यानी कि भारत के हिसाब से समझे तो लोकसभा की सीटें और वहीं सीनेट की सिर्फ 35 सीटों यानी भारत के हिसाब से राज्यसभा और 36 राज्यों के गवर्नर पदों पर मुकाबला हुआ है। अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों के शुरुआती नतीजों में कई भारतवंशी उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार और पूर्व स्कूल प्रिंसिपल पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन नेता कैसी अस्कर को हराकर जीत दर्ज की है। वे अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला बनी हैं।   भारतीय मूल के नेता सुहास सुब्रह्मण्यम ने भी इन चुनावों में जीत हासिल की है। ओहायो के गवर्नर पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी फिलहाल डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से पीछे चल रहे हैं। रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और अमी बेरा जैसे भारतवंशी नेता भी अपनी-अपनी सीटों पर चुनावी मैदान में हैं।

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चुनाव परिणाम ना केवल यूएस कांग्रेस यानी अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर नियंत्रण तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल के शेष हिस्से और उनके बिल संबंधी एजेंडे की दिशा भी अब निर्धारित करेंगे। सीबीएस न्यूज़ के एग्जिट पोल के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग भी 38% दर्ज की गई है जो कि गिरावट आई है। मिड टर्म चुनाव के दौरान किसी मौजूदा राष्ट्रपति के लिए यह सबसे कम अप्रूवल रेटिंग में से एक मानी जा रही है। एग्जिट पोल के अनुसार लगभग 3/4 मतदाता देश की वर्तमान दिशा को लेकर असंतुष्ट है। साथ ही 2 साल पहले की तुलना में अर्थव्यवस्था को लेकर नकारात्मक सोच रखने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। यानी कि ट्रंप के ट्रंप को लेकर निराशा बढ़ी है। सीएनएन के वोटर पोल के शुरुआती आंकड़ों में पता चला है कि 10 में से छह मतदाता राष्ट्रपति ट्रंप के कामकाज को लेकर असंतुष्ट हैं। बढ़ती महंगाई, आर्थिक चुनौतियां और राजनीतिक ध्रुवीकरण मतदाताओं के प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे हैं। वोटर पोल में यह भी सामने आया है कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप का समर्थन करने वाले लगभग पांचवें हिस्से के मतदाता अब उनके प्रदर्शन से असंतुष्ट हैं।

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सर्वे के अनुसार लगभग 3/4 मतदाताओं ने कहा है कि देश की वर्तमान स्थिति से वह खुश नहीं है और उन्हें लगता है कि हालात खराब हुए हैं। लगभग 40% मतदाताओं ने खुद को ट्रंप के कार्यकाल से नाराज बताया और बदलाव की मांग की है। यही है कि यह नतीजे अब बदलते नजर आ रहे हैं। जहां ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन को जोरदार झटका लगता जा रहा है। वहीं विपक्षी दल डेमोक्रेट्स यहां बढ़त बनाए हुए हैं।

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