Iran के सुरक्षा प्रमुख को JD Vance ने भेजा पत्र, Donald Trump चाहते हैं शांति वार्ता

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने संभावित सैन्य टकराव टालने और शांति वार्ता फिर से शुरू करने के लिए ईरान के सुरक्षा प्रमुख को पत्र लिखा है। उधर, ईरान ने चेतावनी दी है कि नए हमले का कड़ा जवाब मिलेगा, हालांकि वह कूटनीति के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और संघर्ष समाप्त करने के लिए मध्यस्थों के संपर्क में है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख को पत्र लिखा है। यह कदम शांति वार्ता को फिर से शुरू करने और नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद किसी नए अमेरिकी सैन्य हमले को टालने की एक कोशिश है। डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि संघर्ष फिर से शुरू करने के लिए यही समय-सीमा है। अखबार के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर यह पत्र ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसेन रेज़ाई को भेजा गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संदेश और उसके बाद अमेरिकी तथा ईरानी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत का मुख्य उद्देश्य किसी संभावित शांति समझौते की शर्तों को तय करने के बजाय, बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार करना था। यह राजनयिक पहल ऐसे समय में सामने आई है जब महीनों से रुकी हुई बातचीत के बाद फिर से तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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खबरों के अनुसार, वाशिंगटन ने खाड़ी के कई अरब देशों से कहा है कि वे 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ एक संभावित "संक्षिप्त लेकिन तीव्र सैन्य अभियान" के लिए तैयार रहें। हालांकि, अखबार ने इस चर्चा से जुड़े लोगों के हवाले से बताया है कि ट्रम्प ने अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है कि ईरान के खिलाफ कोई नया सैन्य अभियान शुरू किया जाए या नहीं। अमेरिका और इज़राइल ने फरवरी के अंत में ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में भारी अस्थिरता पैदा हो गई और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में भी बाधा आई। इसके जवाब में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से जहाजों की आवाजाही बंद कर दी है। यह एक बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया की लगभग एक-पांचवीं तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति होती है। इसके अलावा, अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों की अपनी नौसैनिक घेराबंदी जारी रखी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की ओर से कोई नया हमला होता है, तो ईरान की तरफ से और भी बड़ा जवाबी कदम उठाया जा सकता है। इसमें अमेरिका से जुड़े बुनियादी ढांचे, जैसे कि डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सुविधाओं को निशाना बनाया जा सकता है। तेहरान ने कूटनीति (डिप्लोमेसी) के रास्ते पर आगे बढ़ने की इच्छा जताई है।
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ईरान ने कहा है कि वह क्षेत्रीय मध्यस्थों के संपर्क में है, ताकि कूटनीतिक प्रयासों को फिर से शुरू किया जा सके और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जा सके। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को चेतावनी दी कि खाड़ी क्षेत्र में इजरायल के नेतृत्व में कोई भी नई सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर विनाशकारी असर डाल सकती है। इससे ऊर्जा का उत्पादन करने वाले और ऊर्जा का उपभोग करने वाले, दोनों तरह के देश प्रभावित हो सकते हैं। अराघची ने एक्स पर लिखाहालांकि हमारे बहादुर सशस्त्र बल देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं, फिर भी ईरान कूटनीति को सफल होने का एक और मौका दे रहा है। उन्होंने आगे बताया कि तेहरान एक सात-दिवसीय योजना को लागू करने पर चर्चा कर रहा है, जिसका मकसद संघर्ष को खत्म करना और एक हफ्ते के भीतर इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलना है। खबरों के अनुसार, कतर के नेतृत्व में क्षेत्रीय मध्यस्थ भी एक ऐसे समझौते पर काम कर रहे हैं, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू हो सके।
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