आते ही एक्शन में Balen Shah सरकार, पूर्व PM KP Sharma Oli 'Gen Z' केस में अरेस्ट

नेपाल की नई बालेंद्र शाह सरकार ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए, 'जेन जेड' आंदोलन के दमन के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई एक उच्चस्तरीय जांच आयोग की रिपोर्ट पर आधारित है, जो नेपाल की राजनीति में जवाबदेही के एक नए युग का संकेत देती है।
नेपाल में पिछले साल सितंबर में हुए ‘जेन जेड’ विरोध-प्रदर्शनों की जांच करने वाले उच्चस्तरीय आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने के नवगठित सरकार के फैसले के एक दिन बाद शनिवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया। नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ‘बालेन’ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई नवगठित मंत्रिमंडल की बैठक में आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला किया गया था। पुलिस ने बताया कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष ओली को शनिवार तड़के काठमांडू से 12 किलोमीटर पूर्व भक्तपुर जिले के गुंडू इलाके से गिरफ्तार किया गया।
उसने बताया कि पूर्व गृह मंत्री एवं नेपाली कांग्रेस के नेता रमेश लेखक को भी भक्तपुर जिले की सूर्यविनायक नगरपालिका के कटुंजे स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है। ओली और लेखक को पिछले साल आठ और नौ सितंबर को हुए ‘जेन जेड’ आंदोलन को दबाने में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस आंदोलन में कई युवाओं सहित 76 लोग मारे गए थे। ‘जेन जेड’ आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम की जांच के लिए गठित आयोग ने ओली और लेखक सहित अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले में कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है। बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नेपाल की नवगठित सरकार ने शुक्रवार को अपनी पहली मंत्रिमंडल बैठक में जांच आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू करने का निर्णय लिया।
गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने ओली की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘कानून से ऊपर कोई नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने पूर्व प्रधानमंत्री के पी ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को हिरासत में ले लिया है। ऐसा किसी से बदला लेने के लिए नहीं किया गया बल्कि यह न्याय की शुरुआत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अब देश को एक नयी दिशा मिलेगी।’’ पुलिस ने कहा कि ओली और लेखक को भद्रकाली स्थित काठमांडू जिला पुलिस सर्किल में हिरासत में रखा गया है। जांच आयोग ने इस अपराध के लिए तीन से 10 साल तक की जेल की सजा की सिफारिश की है। काठमांडू जिला पुलिस सर्किल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि शनिवार को अवकाश होने के कारण उन्हें रविवार को काठमांडू जिला अदालत में पेश किया जाएगा।
इसके बाद मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। ओली को हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद चिकित्सकीय जांच के लिए त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल ले जाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह जांच की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस बीच, सीपीएन-यूएमएल ने स्थिति पर चर्चा के लिए ललितपुर स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में सचिवालय की आपात बैठक बुलाई है।
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