Ravichandran Ashwin का बड़ा सुझाव, ICC World Cup से पहले उभरती टीमों को मिले द्विपक्षीय सीरीज का मंच

Ravichandran Ashwin
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Ankit Jaiswal । Jul 16 2026 9:29PM

भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने क्रिकेट के वैश्विक विस्तार के लिए आईसीसी को उभरती टीमों को हर द्विपक्षीय श्रृंखला में तीसरे पक्ष के रूप में शामिल करने का रणनीतिक सुझाव दिया है। उनका विश्लेषण है कि केवल विश्व कप प्रारूप में बदलाव पर्याप्त नहीं है बल्कि नेपाल और स्कॉटलैंड जैसे देशों को निरंतर अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान करना खेल की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए अनिवार्य है। रविचंद्रन अश्विन आईसीसी सुझाव, उभरती टीमें, द्विपक्षीय श्रृंखला, क्रिकेट का विस्तार, 2027 विश्व कप प्रारूप।

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नए विश्व कप प्रारूप पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह बदलाव प्रतियोगिता को और बेहतर बनाएगा, लेकिन अगर क्रिकेट को सचमुच वैश्विक खेल बनाना है तो उभरती टीमों को नियमित अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी मिलने चाहिए। अश्विन का मानना है कि केवल विश्व कप में टीमों की संख्या बढ़ाने से खेल का विस्तार नहीं होगा, बल्कि छोटी टीमों को बड़े देशों के खिलाफ लगातार खेलने के अवसर मिलने चाहिए।

बता दें कि आईसीसी ने हाल ही में 2027 के एकदिवसीय विश्व कप और 2028 के टी-20 विश्व कप के प्रारूप में बदलाव की घोषणा की है। नए प्रारूप के तहत एकदिवसीय विश्व कप में 14 टीमें हिस्सा लेंगी और प्रतियोगिता को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। वहीं टी-20 विश्व कप में पहले के मुकाबले दूसरे चरण में अधिक टीमों को शामिल किया जाएगा, जिससे मुकाबले और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें।

मौजूद जानकारी के अनुसार, रविचंद्रन अश्विन ने सामाजिक माध्यम पर लिखा कि आईसीसी का यह फैसला प्रतिस्पर्धा के लिहाज से सही दिशा में उठाया गया कदम है। हालांकि यदि अंतिम लक्ष्य क्रिकेट का विस्तार करना है तो उभरते देशों के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करनी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि नीदरलैंड, स्कॉटलैंड, नेपाल, अमेरिका और आयरलैंड जैसी टीमों को हर द्विपक्षीय श्रृंखला में तीसरी टीम के रूप में शामिल किया जा सकता है। इससे इन देशों को केवल क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में नेपाल, स्कॉटलैंड और अमेरिका जैसी टीमों ने सीमित अवसर मिलने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। टी-20 विश्व कप में भी इन टीमों ने कई मजबूत देशों को कड़ी चुनौती देकर अपनी क्षमता साबित की थी। 

अश्विन ने यह भी कहा कि यदि सभी देशों को बराबर अवसर मिलेंगे तो क्रिकेट का स्तर और लोकप्रियता दोनों बढ़ेंगे। उनका मानना है कि सामूहिक विकास ही इस खेल को ओलंपिक जैसे वैश्विक मंच पर और अधिक आकर्षक बना सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में क्रिकेट की सफलता केवल भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड या अन्य बड़ी टीमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नए देशों को भी आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए।

बता दें कि 2027 का एकदिवसीय विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में खेला जाएगा। नए प्रारूप में सुपर सीरीज़ और सुपर 7 जैसे अतिरिक्त चरण जोड़े गए हैं ताकि हर मुकाबले का महत्व बढ़े और टीमों के बीच अधिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिले। ऐसे में अश्विन की यह सलाह भी क्रिकेट के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि खेल का वास्तविक विस्तार तभी संभव होगा जब उभरती टीमों को भी लगातार अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिलता रहेगा।

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