Tata Sons के IPO पर दो फाड़, Noel Tata के विरोध के बीच बोर्ड में फेरबदल की बड़ी तैयारी

Noel Tata
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ANI
Ankit Jaiswal । May 4 2026 10:59AM

टाटा समूह में नियंत्रण को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है, जहां टाटा ट्रस्ट्स, टाटा संस के बोर्ड में अपने प्रतिनिधित्व की समीक्षा कर रहा है। सूचीबद्धता के मुद्दे पर उपजा यह मतभेद 8 मई की बैठक के बाद समूह की कॉर्पोरेट रणनीति और नेतृत्व में बड़े परिवर्तनों का संकेत दे रहा है।

टाटा समूह के अंदरूनी मामलों में एक नई हलचल देखने को मिल रही है जहां शीर्ष प्रबंधन और ट्रस्ट के बीच तालमेल चर्चा में आ गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स अपने प्रतिनिधियों को टाटा संस के निदेशक मंडल में लेकर पुनर्विचार करने की तैयारी में हैं, जिससे समूह के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ सकते हैं।

बताया जा रहा है कि 8 मई को होने वाली बैठक के एजेंडे में इस मुद्दे को शामिल किया गया है। इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि ट्रस्ट के नामित सदस्य समूह की मौजूदा सोच के अनुरूप हैं या नहीं। गौरतलब है कि ट्रस्ट के उपाध्यक्ष वेनु श्रीनिवासन और विजय सिंह के हालिया बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं, जिनमें उन्होंने टाटा संस को सूचीबद्ध करने के विचार पर खुलकर बात की थी।

मौजूद जानकारी के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के नेतृत्व में अधिकांश सदस्य अभी भी कंपनी को निजी ही रखने के पक्ष में हैं। यही कारण है कि सूचीबद्धता के मुद्दे पर अलग-अलग राय अब आंतरिक असहमति का कारण बनती दिख रही हैं।

बताया जा रहा है कि पिछले साल विजय सिंह को टाटा संस के बोर्ड में दोबारा जगह नहीं मिली थी, जिसके बाद से ही इस तरह के संकेत मिल रहे थे कि ट्रस्ट अपने प्रतिनिधित्व को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। अब वेनु श्रीनिवासन को लेकर भी इसी तरह की चर्चा तेज हो गई है और उनके बोर्ड से हटाए जाने की संभावना पर नजर रखी जा रही है।

गौरतलब है कि टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेश के नए अवसर खुलेंगे, जबकि दूसरी ओर समूह के भीतर एक मजबूत धड़ा इसे निजी बनाए रखने के पक्ष में है, ताकि नियंत्रण और निर्णय लेने की प्रक्रिया सीमित दायरे में बनी रहे।

मौजूद जानकारी के अनुसार, बैठक में ट्रस्ट के स्थायी ट्रस्टी से जुड़े एक मामले पर भी चर्चा हो सकती है, जिस पर एक वकील द्वारा शिकायत की गई है। इससे यह साफ होता है कि ट्रस्ट इस समय कई अहम मुद्दों पर एक साथ विचार कर रहा है।

जानकारों का मानना है कि 8 मई की यह बैठक टाटा समूह की भविष्य की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि बोर्ड में बदलाव होता है तो इसका असर न सिर्फ प्रबंधन पर बल्कि समूह की दिशा और नीतियों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल ट्रस्ट का आधिकारिक रुख यही है कि टाटा संस को सूचीबद्ध करने का कोई तत्काल फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन अंदरूनी मतभेद इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला रहे हैं।

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