Starbucks चेन्नई में खोलेगी Global Capability Center, 800 लोगों को मिलेगा रोजगार

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Ankit Jaiswal । Sep 21 2026 7:53PM

अमेरिकी कॉफी कंपनी स्टारबक्स तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही है। इस परियोजना के पहले चरण में लगभग 800 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। चेन्नई में वालग्रीन्स भी अपना नया केंद्र स्थापित करने की तैयारी में है।

चेन्नई में अमेरिका की मशहूर कॉफी कंपनी स्टारबक्स तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोलने की योजना बना रही है। शुरुआत में इस केंद्र के जरिए करीब 800 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे चेन्नई के वैश्विक कंपनियों के टेक्निकल और कारोबारी केंद्र के रूप में बढ़ते महत्व को भी बल मिल सकता है।

अमेरिका की कॉफी कंपनी स्टारबक्स भारत में अपने कारोबार को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही है। कंपनी तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोलने की योजना बना रही है। सरकारी सूत्र के अनुसार, इस केंद्र के पहले चरण में करीब 800 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। हालांकि, स्टारबक्स की ओर से इस योजना को लेकर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार स्टारबक्स भारत में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ संयुक्त कारोबार के जरिए करीब 500 कॉफी दुकानों का संचालन करती है। भारत में कंपनी की मौजूदगी लगातार बढ़ी है और अब चेन्नई में वैश्विक स्तर की कारोबारी गतिविधियों के लिए नया केंद्र शुरू करने की योजना सामने आई है। कंपनी ने इस बारे में पूछे गए सवालों का तत्काल जवाब नहीं दिया है।

गौरतलब है कि चेन्नई में वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी पहले से काफी मजबूत है। शहर में सिटी, बार्कलेज और अमेरिकन एक्सप्रेस जैसी कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के टेक्निकल और कारोबारी केंद्र मौजूद हैं। ऐसे में स्टारबक्स का नया केंद्र शहर की इस पहचान को और मजबूत कर सकता है।

स्टारबक्स की यह योजना ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका की दवा कंपनी वालग्रीन्स ने भी तमिलनाडु सरकार के साथ चेन्नई में अपना ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के लिए समझौता किया है। इससे यह संकेत मिलता है कि चेन्नई अब केवल सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े कामों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़ी वैश्विक कंपनियों की अलग-अलग कारोबारी जरूरतों के लिए भी महत्वपूर्ण जगह बनता जा रहा है।

बता दें कि वैश्विक क्षमता केंद्रों की भूमिका पिछले कुछ वर्षों में काफी बदली है। पहले ऐसे केंद्रों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कम लागत वाले दफ्तर संबंधी काम और सामान्य सहायता के लिए किया जाता था। अब बड़ी कंपनियां इन्हें अपने मुख्यालय से जुड़े ज्यादा महत्वपूर्ण कामों के लिए इस्तेमाल कर रही हैं।

इन केंद्रों में वित्त से जुड़े काम, सॉफ्टवेयर विकास, आंकड़ों से जुड़े काम और नए उत्पादों या तकनीक पर शोध जैसे काम भी किए जाते हैं। इसके चलते इन केंद्रों में पहले की तुलना में अधिक कुशल कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।

स्टारबक्स के चेन्नई केंद्र से जुड़े काम की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हालांकि शुरुआती चरण में करीब 800 रोजगार की बात सामने आई है। आने वाले समय में केंद्र का विस्तार होने पर कर्मचारियों की संख्या और काम का दायरा बढ़ सकता है।

तमिलनाडु लंबे समय से वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करता रहा है। ऐसे में स्टारबक्स और वालग्रीन्स जैसी अमेरिकी कंपनियों की नई योजनाएं राज्य में वैश्विक कारोबार से जुड़े नए रोजगार और टेक्निकल काम के अवसर बढ़ाने वाली हैं।

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