Razorpay को 6000 करोड़ रुपये तक के IPO के लिए SEBI से मिली हरी झंडी

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने फिनटेक कंपनी रेजरपे के 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए लगभग 5 अरब डॉलर का वैल्युएशन हासिल करने का लक्ष्य बना रही है। रेजरपे ने जून में गोपनीय तरीके से अपने ड्राफ्ट पेपर्स नियामक के समक्ष जमा किए थे।
नयी दिल्ली, चार नवंबर वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी रेजरपे को 5,000-6,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिल गई है। मामले से परिचित सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी सार्वजनिक निर्गम के जरिये करीब पांच अरब डॉलर का मूल्यांकन हासिल करने का लक्ष्य रख रही है।
रेजरपे ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष जून में गोपनीय माध्यम से आईपीओ के मसौदा दस्तावेज जमा कराए थे। गोपनीय तरीके से दस्तावेज जमा कराने की प्रक्रिया के तहत कंपनियां संवेदनशील कारोबारी जानकारी को तत्काल सार्वजनिक किए बिना समीक्षा के लिए सेबी के पास निर्गम दस्तावेजों का मसौदा जमा कर सकती हैं। हर्षिल माथुर और शशांक कुमार ने 2014 में रेजरपे की स्थापना की थी।
यह कंपनी एकीकृत मंच के जरिये भुगतान स्वीकार करने, बैंकिंग, भुगतान वितरण, वेतन प्रबंधन, ऋण और अन्य वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराती है। रेजरपे को 2020 में ‘यूनिकॉर्न’ का दर्जा मिला था। ‘यूनिकॉर्न’ एक ऐसी निजी स्वामित्व वाली स्टार्टअप कंपनी को कहा जाता है जिसका कुल मूल्यांकन एक अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 8,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक) हो जाता है और उसके शेयर सार्वजनिक रूप से शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं होते हैं।
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