NSE प्रमुख Ashishkumar Chauhan ने कहा, घरेलू बचत और Foreign Investment से बढ़ेगी Growth

Ashishkumar Chauhan
प्रतिरूप फोटो
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Ankit Jaiswal । Nov 8 2026 8:09PM

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख आशीषकुमार चौहान ने आने वाले साल में भारतीय आर्थिक वृद्धि और तेज होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने घरेलू बचत, मजबूत कर संग्रह और विदेशी निवेशकों के बढ़ते रुझान को इसका आधार बताया। इसके साथ ही उन्होंने निवेशकों को जल्द मुनाफे के लालच से दूर रहकर लंबी अवधि के निवेश की सलाह दी।

देश की अर्थव्यवस्था को लेकर आने वाला साल बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। घरेलू बचत में बढ़ोतरी, मजबूत आर्थिक स्थिति और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में फिर से बढ़ती दिलचस्पी से देश की विकास दर को और रफ्तार मिल सकती है। यह कहना है नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीषकुमार चौहान का। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले साल में भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़त और मजबूत होगी।

दीपावली के मौके पर आयोजित मुहूर्त कारोबार के दौरान समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में चौहान ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। देश की जीडीपी की सालाना वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रही है। उनके मुताबिक, वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर तरीके से संभाल रहा है।

चौहान ने कहा कि भारत के लिए कच्चे तेल की कीमतें हमेशा चिंता का विषय रही हैं, क्योंकि देश अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत तेल विदेशों से खरीदता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से आयात पर खर्च बढ़ता है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मजबूत कर संग्रह और सरकार के बेहतर वित्तीय प्रबंधन ने इस चुनौती से निपटने में मदद की है।

उनके अनुसार, सरकार के पास राजस्व की अच्छी स्थिति होने से वह बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर खर्च कर पा रही है। इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ता है।

शेयर बाजार में घरेलू निवेश की भूमिका पर बात करते हुए चौहान ने बताया कि भारत में हर साल होने वाली वित्तीय बचत बढ़कर करीब 1.4 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। यह बचत देश को दुनिया के बड़े निवेश स्रोतों में शामिल करती है। उन्होंने कहा कि घरेलू निवेशकों के पैसे ने भारतीय शेयर बाजार को सहारा देने और बाजार में निवेश बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।

चौहान ने आने वाले संवत वर्ष को लेकर विदेशी निवेशकों के रुख में भी सुधार के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशक एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार में दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। उनके मुताबिक, यह नए संवत वर्ष के लिए अच्छा संकेत है।

इस दौरान उन्होंने एनएसई की तकनीकी तैयारियों और नई सुविधाओं की भी जानकारी दी। चौहान ने बताया कि बीते एक साल में एक्सचेंज की तकनीकी व्यवस्था को और बेहतर बनाया गया है। अब इसकी प्रतिक्रिया देने की गति नैनोसेकंड के स्तर तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे तेज शेयर बाजार एक्सचेंज बताया। साथ ही कहा कि खुदरा निवेशकों को बेहतर जानकारी और विश्लेषण उपलब्ध कराने के लिए एआई का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि एनएसई की वेबसाइट और मोबाइल ऐप में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि आम निवेशकों को बाजार से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके। निवेशकों को जागरूक करने के लिए एक्सचेंज की ओर से हर साल 10 से 15 लाख लोगों तक सीधे कार्यक्रमों के जरिए पहुंच बनाई जाती है। अब सोशल मीडिया, टीवी और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।

निवेश के तरीके पर सलाह देते हुए चौहान ने कहा कि लोगों को जल्द मुनाफा कमाने के चक्कर में जोखिम भरे सौदों से बचना चाहिए। बिना पूरी जानकारी के एक ही दिन में खरीद-बिक्री या वायदा कारोबार करना नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने निवेशकों को छोटी अवधि के सुझावों के बजाय लंबे समय तक निवेश बनाए रखने और जोखिम समझकर फैसला लेने की सलाह दी है।

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