Exide का 'Make in India' बूस्ट: Bengaluru प्लांट से दिसंबर तिमाही में शुरू होगी कमाई

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एक्साइड इंडस्ट्रीज अपने बेंगलुरु स्थित लिथियम-आयन संयंत्र से अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में राजस्व अर्जित करना शुरू कर देगी, जो भारत के ईवी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी इस साल 6 गीगावाट-घंटा क्षमता में से लगभग तीन जीडब्ल्यूएच का उपयोग शुरू करने का लक्ष्य रख रही है, जिससे घरेलू बैटरी निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

 बैटरी विनिर्माता एक्साइड इंडस्ट्रीज को बेंगलुरु स्थित लिथियम-आयन सेल विनिर्माण संयंत्र से चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही से आय शुरू होने की उम्मीद है। प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अवीक रॉय ने शुक्रवार को यह संभावना जताई। इस संयंत्र से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए देश में निर्मित बैटरी सेल की आपूर्ति शुरू की जाएगी। रॉय ने कहा कि परियोजना के पहले चरण को पूरा करने के लिए कंपनी चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त 1,400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

कंपनी उन्नत रसायन सेल (एसीसी) विनिर्माण परियोजना में पहले ही लगभग 4,800 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। रॉय ने वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से बेंगलुरु संयंत्र से आय शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआती चरण में गुजरात स्थित हमारी बैटरी पैक इकाई के लिए आयातित लिथियम आयरन फॉस्फेट (एलएफपी) सेल की जगह घरेलू स्तर पर बने सेल का उपयोग किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि कंपनी ने तीसरी तिमाही से स्थिर लिथियम बैटरी अनुप्रयोगों के लिए भी वाणिज्यिक आपूर्ति शुरू करने का लक्ष्य तय किया है। रॉय ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में संयंत्र की पहले चरण की छह गीगावाट-घंटा (जीडब्ल्यूएच) क्षमता में से लगभग तीन जीडब्ल्यूएच का उपयोग शुरू होने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि बेंगलुरु संयंत्र अभी चालू करने के चरण में है और कंपनी उत्पादन बढ़ाने से पहले विनिर्माण प्रक्रियाओं को स्थिर करने पर काम कर रही है। रॉय ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक परिवहन (ईवी) बाजार तेजी से बढ़ रहा है, इसके बावजूद देश में लिथियम-आयन सेल की मौजूदा मांग लगभग पूरी तरह आयात से पूरी की जा रही है।

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