India A vs Australia A: चोट से उबरे Sai Sudharsan पर होंगी निगाहें, ओपनिंग में संभालेंगे मोर्चा

ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ मंगलवार से शुरू हो रहे चार दिवसीय प्रथम श्रेणी मैच में भारत ए के लिए साई सुदर्शन पारी की शुरुआत करेंगे। पैर के फ्रैक्चर से उबरने के बाद सुदर्शन इस मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन कर न्यूजीलैंड दौरे के लिए टेस्ट टीम में अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते हैं।
चोट से उबर कर साई सुदर्शन मंगलवार से ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ शुरू होने वाले चार दिवसीय प्रथम श्रेणी मुकाबले में भारत ए के लिए एक बार फिर पारी की आगाज करेंगे तो उनकी नजरें न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में वैकल्पिक सलामी बल्लेबाज की जगह पक्की करने पर होंगी। ऑस्ट्रेलिया ए की टीम में भी कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जो टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में हैं। इनमें सलामी बल्लेबाज सैम कोंस्टास और नाथन मैकस्वीनी, ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी तथा तेज गेंदबाज झाय रिचर्डसन प्रमुख हैं।
भारत के लिए सात टेस्ट मैचों में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले सुदर्शन ने इससे पहले भारत ए के श्रीलंका दौरे पर पारी की शुरुआत की थी। उन्होंने श्रीलंका ए के खिलाफ दो प्रथम श्रेणी मैचों में 132 और 168 रन की शानदार पारियां खेली थीं। इसके बाद पैर में फ्रैक्चर के कारण उन्हें भारत के श्रीलंका दौरे की टेस्ट शृंखला से बाहर होना पड़ा।
इसके बाद बेंगलुरु स्थित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में उन्हें करीब छह सप्ताह तक ‘रिहैब्लिटेशन (चोट से उबरने की प्रक्रिया)’ से गुजरना पड़ा। भारत ए की कप्तानी कर रहे देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के पिछले दौरे में दो शतक लगाकर टेस्ट टीम में तीसरे नंबर के बल्लेबाज के रूप में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। ऐसे में पिछली ‘ए’ शृंखला से पारी की शुरुआत करने वाले सुदर्शन चाहेंगे कि ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भी वह वहीं से शुरुआत करें, जहां उन्होंने श्रीलंका ए के खिलाफ अपना शानदार अभियान छोड़ा था।
सलामी बल्लेबाजी में विकल्प के लिए सुदर्शन के अलावा अमन मोखाडे भी दावेदार हैं। श्रीलंका में उन्हें अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में सफलता नहीं मिली थी। भारतीय टेस्ट टीम में फिलहाल कुछ खास स्थानों को लेकर चयनकर्ताओं की नजरें बनी हुई हैं।
इनमें तीसरे सलामी बल्लेबाज के अलावा स्पिन गेंदबाजी में भी एक विकल्प तलाश भी शामिल है जो जनवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च के पहले सप्ताह के बीच प्रस्तावित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए काफी अहम है। श्रीलंका में टेस्ट खेल चुके ऑफ स्पिनर सारांश जैन अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके थे। ऐसे में अंतरिम मुख्य चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा और समिति के अन्य सदस्य अनुभवी मुंबई के गेंदबाज तनुष कोटियन के प्रदर्शन पर खास नजर रखेंगे।
इस मुकाबले से चयनकर्ता उन खिलाड़ियों की पहचान करना चाहेंगे, जिन्हें भारत ए के न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुना जा सकता है। भारत ए को न्यूजीलैंड में तीन टेस्ट मैचों की शृंखला खेलनी है। पिछले 12 महीनों में यह दूसरी बार है जब ऑस्ट्रेलिया ए की टीम भारत दौरे पर आई है।
यह दौरा बहुप्रतीक्षित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तैयारी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया के कोच टिम पेन ने कहा कि हैंड्सकॉम्ब देश के सर्वश्रेष्ठ स्पिन खेलने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं और भारत की परिस्थितियों में खेलना उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगा। पेन ने कहा, ‘पीट (हैंड्सकॉम्ब) ऑस्ट्रेलिया में स्पिन के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं।
यह उनके लिए अच्छी बात है और दिखाता है कि इस उम्र में भी वह दावेदारी में हैं। अगर वह वापसी करते हैं तो इन परिस्थितियों में खुद को ढालना उनके लिए काफी फायदेमंद होगा।’’ टीमें: भारत ए: अमन मोखाडे, आयुष पांडे, देवदत्त पडिक्कल (कप्तान), साई सुदर्शन (उपकप्तान), यश राठौड़, शेख रशीद, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), शम्स मुलानी, तनुष कोटियन, तुषार देशपांडे, अंशुल कंबोज, प्रफुल हिंगे, एन. जगदीशन (विकेटकीपर), नचिकेत भूटे और त्रिपुराना विजय। ऑस्ट्रेलिया ए: ब्रेंडन डोगेट, जैक एडवर्ड्स, पीटर हैंड्सकॉम्ब, सैम हार्पर, लियाम हैचर, कैंपबेल केलावे, सैम कोंस्टास, नाथन मैकस्वीनी, टॉड मर्फी, फर्गस ओ नील, जोश फिलिप, झाय रिचर्डसन, कोरी रोच्चियोली, जेसन सांघा और लियाम स्कॉट।
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