क्या भाजपा-अकाली दल मिलाएंगे हाथ? सुखबीर बादल ने AAP-कांग्रेस को बताया मुख्य प्रतिद्वंद्वी

Sukhbir Badal
ANI
अभिनय आकाश । Oct 23 2026 12:26PM

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा नीत एनडीए में फिर से शामिल होने के संकेत दिए हैं। राज्यपाल से मुलाकात के बाद उन्होंने आप और कांग्रेस को अपना मुख्य विरोधी बताया। बादल ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य की बेहतरी के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन को तैयार है।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को संकेत दिया कि उनकी पार्टी अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में फिर से शामिल हो सकती है। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए, पूर्व उपमुख्यमंत्री ने सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस पर निशाना साधा और उन्हें राज्य में अपना 'मुख्य राजनीतिक विरोधी' बताया। बिना बीजेपी का नाम लिए, बादल ने कहा कि उनकी पार्टी पंजाब की बेहतरी के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करने को तैयार है।

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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने  कहा कि वह पंजाब में एक राज्यव्यापी यात्रा निकालेगा, जिसकी शुरुआत 10 नवंबर को तलवंडी साबो स्थित श्री दमदमा साहिब से होगी। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में निकाली जाने वाली यह यात्रा तीन चरणों में पूरी होगी। पहले चरण के तहत 10 से 22 नवंबर तक यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा का दूसरा चरण श्री आनंदपुर साहिब और तीसरा चरण श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू होगा। पार्टी के अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और युवा संगठनों के साथ बैठकों की श्रृंखला पूरी होने के बाद वरिष्ठ नेता दलजीत चीमा ने यह जानकारी दी। इन बैठकों की अध्यक्षता बादल ने की थी। चीमा ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने चुनावी घोषणापत्र में शामिल किए जाने वाले मुद्दों पर इन संगठनों से सीधे प्रतिक्रिया ली और पार्टी संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठनों से मिली प्रतिक्रियाओं पर 24 अक्टूबर को पार्टी की चुनावी घोषणापत्र समिति की अगली बैठक में विचार किया जाएगा। 

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उन्होंने बताया कि घोषणापत्र एक नवंबर को जारी किया जाएगा। बादल ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पंजाब सरकार का ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान नशे की समस्या खत्म करने के बजाय नशा विरोधी कार्यकर्ताओं और इसकी जानकारी देने वालों की हत्या का कारण बन रहा है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में संकट के बावजूद वह पेरिस की सैर के लिए विमान से जाने की अनुमति हासिल करने के वास्ते ‘दर-दर भटक’ रहे हैं। बादल ने कहा, “भगवंत मान को पंजाबियों को बताना चाहिए कि विदेश यात्राओं के बावजूद वह राज्य में विदेशी निवेश लाने में क्यों नाकाम रहे हैं।” बैठक में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसमें शिअद ने शोक संतप्त परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का संकल्प लिया।

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