Haryana के मंत्री Anil Vij का दावा, Panchkula बैठक के बाद कुछ ही घंटों में खत्म होगी हड़ताल

Anil Vij
ANI
अंकित सिंह । Oct 23 2026 12:56PM

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने संकेत दिया है कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जल्द खत्म हो जाएगी। यूनियन नेताओं ने पंचकूला में शुक्रवार को बैठक करने पर सहमति जताई है। विज ने बताया कि सरकार विवादित नियामक आदेश को वापस लेने के लिए धारा 108 लागू करने को तैयार है और निजीकरण के फैसले के खिलाफ अपील भी कर रही है।

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने संकेत दिया है कि राज्य में बिजली कर्मचारियों की चल रही हड़ताल जल्द ही खत्म होने वाली है, और उम्मीद है कि कुछ ही घंटों में इसका समाधान निकल आएगा। यह जानकारी तब सामने आई है जब यूनियन नेताओं ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे पंचकूला में बैठक करने पर सहमति जताई है। ANI से बातचीत में विज ने बताया कि कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विवाद सुलझाने के लिए हड़ताल जारी रखने के बजाय बातचीत करना ही बेहतर तरीका है। उन्होंने कहा कि मैंने लगभग स्थिति को सुलझा लिया है। अभी मेरी कर्मचारी नेताओं से बात हुई है। मैं उन्हें पहले दिन से ही यही कह रहा हूं कि हड़ताल कोई समाधान नहीं है। आइए, बातचीत करते हैं। अगर आप कोई और तरीका सुझाते हैं, तो हम उसे भी अपना लेंगे।

इसे भी पढ़ें: Gurugram और Nuh में निजीकरण पर लगेगी रोक, Haryana सरकार लागू करेगी Electricity Act की धारा 108

विज ने आगे बताया कि यूनियन नेताओं ने सरकार से एक विवादित आदेश को रद्द करने के लिए धारा 108 लागू करने का अनुरोध किया था, और सरकार ऐसा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कल उन्होंने मांग की थी कि सरकार इस आदेश को हटाने के लिए धारा 108 लागू करे, जो हम कर सकते हैं। मैंने मुख्यमंत्री से भी बात की है, और आज सुबह मैंने ट्वीट किया कि हम धारा 108 लागू करेंगे। यूनियन नेता मान गए हैं और वे आज दोपहर 3 बजे पंचकूला में बैठक करने के लिए सहमत हो गए हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि कुछ ही घंटों में हड़ताल खत्म हो जाएगी।

22 अक्टूबर को शुरू हुई यह हड़ताल 24 अक्टूबर तक चलनी है। विज ने पहले ही दिन इसे 'बेवजह' करार दिया था। उन्होंने बताया कि सरकार उस नियामक आदेश का विरोध कर रही है जिसके तहत एक निजी कंपनी को राज्य के कुछ हिस्सों में बिजली वितरण की अनुमति दी गई है, और उन्होंने पुष्टि की कि राज्य सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील कर रही है। विज ने अंबाला में कहा कि यह हड़ताल बेबुनियाद है। रेगुलेटर ने एक निजी कंपनी को बिजली सप्लाई करने का आदेश दिया है। हमने हरियाणा रेगुलेटर के सामने इस कंपनी की अर्जी का कड़ा विरोध किया था, लेकिन फैसला हमारे खिलाफ गया। मैं निजीकरण के खिलाफ हूं क्योंकि हमने बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) में भारी निवेश किया है और हमारे कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में हैं... केंद्रीय कानून किसी भी व्यक्ति या कंपनी को बिजली सप्लाई के लिए आवेदन करने की अनुमति देता है। हम रेगुलेटर के आदेश के खिलाफ अपील कर रहे हैं और इस पर रोक (स्टे) लगवाने की कोशिश कर रहे हैं... मैं कर्मचारी नेताओं से अपील करता हूं कि वे हड़ताल खत्म करें और इसके बजाय केस तैयार करने में हमारी मदद करें।

इसे भी पढ़ें: हरियाणा में नौकरी के नाम पर 2.41 करोड़ की धोखाधड़ी, CBI ने 5 आरोपियों पर दर्ज की FIR

यह विवाद हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के 19 अक्टूबर के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें गुरुग्राम और नूंह जिलों के लिए 'इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड' को 25 साल का समानांतर (पैरेलल) बिजली वितरण लाइसेंस दिया गया है। यह लाइसेंस मौजूदा बिजली वितरक के साथ-साथ एक दूसरे वितरक को भी काम करने की अनुमति देता है। इससे 830,000 से अधिक उपभोक्ताओं—जिनमें घर, किसान, दुकानें, दफ्तर और औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं—को नया नेटवर्क शुरू होने पर अपना बिजली आपूर्तिकर्ता चुनने का विकल्प मिल जाएगा।

All the updates here:

अन्य न्यूज़