राहुल गांधी के Idiot और Andhbhakt बयान पर Lok Sabha में हंगामा, BJP की जताई आपत्ति

राहुल गांधी की लोकसभा में छात्र विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी के दौरान 'बेवकूफ' और 'अंधभक्त' शब्दों के इस्तेमाल पर सत्ता पक्ष ने भारी हंगामा किया। गांधी ने स्पष्ट किया कि यह किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं था बल्कि युवा आवाज को न सुनने वालों का जिक्र था, जिससे संसदीय मर्यादा पर बहस छिड़ गई। यह घटना युवा असंतोष के प्रति राजनीतिक दलों के विभिन्न दृष्टिकोणों को उजागर करती है।
लोकसभा में बोलते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि अगर बीजेपी नेता छात्रों के चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बारे में अपने बच्चों से पूछें, तो उन्हें पता चलेगा कि वे प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मैं बहुत उत्साहित और आश्वस्त था कि इस देश के भविष्य ने हमारी सड़कों पर क्या किया। यह गुस्सा, हिंसा या नफ़रत नहीं थी। यह इस देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ी की भावनाओं की गहरी अभिव्यक्ति थी और मुझे लगता है कि सभी राजनीतिक दलों को, जिसमें बीजेपी के मेरे दोस्त भी शामिल हैं, इस भावना का सम्मान करना चाहिए।
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राहुल ने कहा कि मुझे पूरा यकीन है कि अगर बीजेपी के मेरे दोस्त अपने बच्चों से जाकर पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे हैं, उसके बारे में वे क्या सोचते हैं, तो उन्हें अपने बच्चों का भी समर्थन ही मिलेगा। जो हुआ है उसमें कुछ भी गलत नहीं है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए। राहुल गांधी ने छात्र की परिभाषा बताते हुए एक युवा महिला का ज़िक्र किया, जिन्होंने उनसे कहा था कि मूर्ख (idiots) लोग युवाओं की बात नहीं सुनते। इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष की तरफ़ से हंगामा शुरू हो गया, जिसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गांधी से विषय पर ही बात करने को कहा।
हंगामे के बीच गांधी ने जवाब दिया कि वह सिर्फ़ छात्र की परिभाषा बता रहे थे और किसी का नाम नहीं ले रहे थे। लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के नेतृत्व में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से उन्हें भरोसा मिला है और उन्होंने इसे देश की युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं की गहरी अभिव्यक्ति बताया। गांधी ने कहा कि ये विरोध-प्रदर्शन हिंसा या नफ़रत से प्रेरित नहीं हैं और उन्होंने बीजेपी सहित सभी राजनीतिक दलों से छात्रों की अभिव्यक्ति का सम्मान करने का आग्रह किया।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी की "इडियट" और "अंधभक्त" वाली टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। गांधी ने कहा कि ये टिप्पणियां सरकार के लिए नहीं थीं और उन्होंने स्पीकर से इन्हें रिकॉर्ड से हटाने का आग्रह किया। लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि अगर बीजेपी नेता अपने बच्चों से प्रदर्शनों के बारे में पूछें, तो उन्हें पता चलेगा कि उनके बच्चे भी युवा प्रदर्शनकारियों की बात से सहमत हैं।
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लोकसभा में हंगामे के बीच राहुल गांधी ने "इडियट" (मूर्ख) शब्द के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा कि यह शब्द तभी असंसदीय माना जाता है जब इसका इस्तेमाल संसद के किसी दूसरे सदस्य के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह शब्द किसी खास व्यक्ति के लिए इस्तेमाल नहीं किया था। गांधी ने लोकसभा स्पीकर से कहा कि अगर आप चाहते हैं कि बीजेपी बोले, तो मैं चुप हो जाऊंगा और बैठ जाऊंगा।
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