यूपी में Maulana Jarjis Ansari की मुश्किलें बढ़ी, Lord Krishna पर विवादित बयान के बाद 95 FIR दर्ज

अखिल भारत हिंदू महासभा ने FIR दर्ज करने की मांग की। राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने पुलिस स्टेशन में पत्रकारों से कहा कि हम मौलवी के ख़िलाफ़ FIR की मांग करते हैं।' उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मौलवी के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की अपील की। यह विवाद अब मथुरा तक फैल गया है, जहाँ कृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच इसका असर और भी ज़्यादा है।
उत्तर प्रदेश में मौलाना जरजीस अंसारी के खिलाफ 95 से ज़्यादा शिकायतें दर्ज की गईं, जिन्होंने श्री कृष्ण को मुस्लिम बताया था। यह घटनाक्रम उनके एक महीने पुराने वीडियो के वायरल होने के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भगवान कृष्ण एक मुस्लिम थे और दिन में पाँच बार नमाज़ पढ़ते थे। इस दावे के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन और शिकायतें शुरू हो गईं। यूपी के इटावा के रहने वाले अंसारी ने 23 जून को झारखंड में एक धार्मिक सभा के दौरान ये बातें कही थीं। कृष्ण जन्मभूमि दान चोरी के मामले के बीच इस हफ़्ते वह क्लिप फिर से सामने आई।
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हम मौलवी के ख़िलाफ़ FIR की मांग करते हैं: शिशिर चतुर्वेदी
अखिल भारत हिंदू महासभा ने FIR दर्ज करने की मांग की। राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने पुलिस स्टेशन में पत्रकारों से कहा कि हम मौलवी के ख़िलाफ़ FIR की मांग करते हैं।" उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मौलवी के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की अपील की। यह विवाद अब मथुरा तक फैल गया है, जहाँ कृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच इसका असर और भी ज़्यादा है। कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अंसारी के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। सूत्रों के अनुसार, राज्य भर के कई ज़िलों में अंसारी के ख़िलाफ़ शिकायतें दर्ज की गई हैं और कुल शिकायतों की संख्या 95 बताई जा रही है।
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राजनीतिक और धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रिया
बीजेपी नेता मोहसिन रज़ा ने विपक्षी दलों पर ऐसे बयानों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसी पार्टियाँ उन्हें हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के लिए मंच देती हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी आतंकी समूहों से संभावित संबंधों की जाँच करेंगे। मुस्लिम समुदाय में भी अंसारी की आलोचना हो रही है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि ऐसे बयान "सिर्फ सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए" दिए जाते हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे बयानों पर रोक लगाने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की, क्योंकि ये बातें इस्लाम और नमाज़ का अपमान करती हैं। मौलाना यासूब ने ANI से बातचीत में कहा, "ऐसे बयान सिर्फ सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए दिए जाते हैं। सरकार को ऐसे लोगों पर रोक लगानी चाहिए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। लोगों की आस्था के केंद्र रहे एक सम्मानित व्यक्ति के बारे में यह दावा करके कि वे नमाज़ पढ़ते थे, आप नमाज़, इस्लाम और खुद धर्म को बदनाम कर रहे हैं। ऐसे धर्मगुरुओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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