Telangana के 31 जिलों में Drought घोषित, 365 मंडलों में राहत कार्य शुरू करने का आदेश

तेलंगाना सरकार ने कम बारिश के चलते राज्य के 33 में से 31 जिलों के 365 मंडलों में सूखा घोषित किया है। मुख्य सचिव संजय जाजू के आदेशानुसार यह अधिसूचना छह महीने तक प्रभावी रहेगी और प्रशासन को तत्काल राहत उपाय चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
तेलंगाना सरकार ने राज्य के 33 में से 31 जिलों के 365 मंडलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया और जिला प्रशासन को तत्काल राहत उपाय शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इनमें से 111 मंडलों में गंभीर और 254 मंडलों में मध्यम सूखे की स्थिति घोषित की है। मुख्य सचिव संजय जाजू की ओर से मंगलवार को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, इस संबंध में जारी अधिसूचना छह महीने तक प्रभावी रहेगी।
आदेश में जिला प्रशासन को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से कृषि सहायता राशि देने, पेयजल आपूर्ति बढ़ाने, चारे की व्यवस्था करने, जरूरत पड़ने पर पशु शिविर लगाने और वीबी-जी राम जी योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने सहित राहत उपाय तत्काल शुरू करने को कहा गया है। जिलाधिकारियों को भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के तहत कृषि ऋणों के पुनर्गठन और कर्ज की जबरन वसूली पर रोक लगाने के मुद्दे राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के समक्ष उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकारी आदेश के मुताबिक, अल नीनो की उभरती और मजबूत होती परिस्थितियों, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाले कमजोर तंत्रों तथा लंबे समय तक बारिश नहीं होने के कारण तेलंगाना में दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रभावित हुआ है।
राज्य में एक जून से 30 सितंबर 2026 के दौरान 615.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 740.6 मिलीमीटर होती है। यह सामान्य से 17 प्रतिशत कम है। राज्य के 33 में से 18 जिलों में खरीफ फसलों के लिए वर्षा की कमी दर्ज की गई।
आदेश के अनुसार, धान की खेती का रकबा 18 प्रतिशत घटकर 69.19 लाख एकड़ से 57 लाख एकड़ रह गया है। प्रमुख और मध्यम जलाशयों में वर्तमान में 179.63 टीएमसी पानी उपलब्ध है, जबकि उनकी कुल क्षमता 585 टीएमसी है। इससे पेयजल, कृषि, पशुधन और बिजली उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
सरकार ने बताया कि 23 अक्टूबर को स्थिति की समीक्षा के बाद मंत्रिमंडल की उपसमिति ने 31 जिलों के 365 मंडलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की सिफारिश की थी।
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