Shillong violence मामले में KSU नेता गिरफ्तार, मेघालय पुलिस ने चौथी गिरफ्तारी की

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मेघालय पुलिस ने 19 अगस्त को शिलांग में हुई हिंसा के सिलसिले में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के सहायक आयोजन सचिव जेरेमिया पोहतमी को नोंगमेंसोंग से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी उन पांच नकाबपोश लोगों में शामिल था जिन्होंने विशेष रूप से असम नंबर वाले वाहनों को निशाना बनाया था। इस मामले में 15 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और अब तक संगठन के चार नेताओं को पकड़ा जा चुका है।

मेघालय पुलिस ने सोमवार को खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के एक और नेता को गिरफ्तार किया। उस पर 19 अगस्त को संगठन की काले झंडे वाली बाइक रैली के दौरान शिलांग में हुई हिंसा में शामिल पांच नकाबपोश लोगों में से एक होने का आरोप है। हिंसा के दौरान खास तौर पर असम नंबर वाले वाहनों को निशाना बनाया गया था।

पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने संवाददाताओं को बताया कि आरोपी केएसयू के सहायक आयोजन सचिव जेरेमिया पोहतमी को शहर के नोंगमेंसोंग इलाके से गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि पुलिस ने पोहतमी को अदालत में पेश किया और आगे की जांच के लिए उसकी हिरासत मांगी। पुलिस के अनुसार, पोहतमी उन पांच नकाबपोश लोगों में शामिल है, जिनकी पहचान अब तक हिंसा में कथित संलिप्तता के लिए की गई है।

इनमें खास तौर पर असम पंजीकरण वाले वाहनों पर हमले का मामला शामिल है। आरोपी की गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले पुलिस ने इसी मामले में केएसयू के तीन वरिष्ठ नेताओं अध्यक्ष रेमंड खरजाना, उपाध्यक्ष पिन्कमेंगलांग सनमिएट और महासचिव रूबेन नाजियार को गिरफ्तार किया था। उन्नीस अगस्त को पूर्वी खासी हिल्स जिला प्रशासन की अनुमति से निकाली गई रैली में उस समय हिंसा भड़क गई, जब कुछ प्रतिभागियों ने कथित तौर पर वाहनों पर पथराव किया और राहगीरों पर हमला किया।

राज्य सरकार के अनुसार, हिंसा में कम से कम 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए और 18 लोग घायल हुए। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने सोमवार को विधानसभा को बताया कि हिंसा के संबंध में 15 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। सरकार ने कहा है कि जांच कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी और किसी संगठन या व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

हिंसा के बाद असम और मेघालय के बीच भी तनाव बढ़ गया। इसके बाद असम के परिवहन संचालकों ने जोरबाट और खानापारा में मेघालय नंबर वाले वाहनों को रोकना शुरू कर दिया।

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