पश्चिम बंगाल के रुझान देख उमर अब्दुल्ला ने 2 शब्दों में क्या लिख दिया ऐसा, BJP बोली- मर्यादा का ध्यान रखें सीएम

Omar
ANI
अभिनय आकाश । May 4 2026 1:43PM

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केवल दो शब्दों में अपनी हैरानी बयां करते हुए लिखा- Bloody Hell! इसके साथ उन्होंने ऐसे इमोजी का इस्तेमाल किया है, मानो रुझान देखकर उनकी आंखें फटी की फटी रह गई हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे इस बार सबके लिए चौंकाने वाले हो सकते हैं. अगर चुनाव आयोग के आधिकारिक रुझानों की बात करें तो ममता बनर्जी की 15 साल की सत्ता जाती दिख रही है और भारतीय जनता पार्टी  की सरकार बन रही है। इसको लेकर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का रिएक्शन चर्चा का विषय बन गया है। सीएम उमर अब्दुल्ला बंगाल नतीजों के रुझान देखकर बेहद चौंक गए हैं। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केवल दो शब्दों में अपनी हैरानी बयां करते हुए लिखा- Bloody Hell! इसके साथ उन्होंने ऐसे इमोजी का इस्तेमाल किया है, मानो रुझान देखकर उनकी आंखें फटी की फटी रह गई हैं।

इसे भी पढ़ें: 1 बजे तक दीदी टाटा, बाय-बाय...अमित शाह का पुराना वीडियो वायर

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत पॉल शर्मा  ने उमर अब्दुल्ला के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी भाषा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री रह चुके नेता को अपनी बात रखते समय मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। सत पॉल शर्मा  ने विशेष रूप से कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए 'ब्लडी हेल' जैसे शब्दों पर आपत्ति जताते हुए इसे अनुचित बताया और कहा कि यह हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी हार के बावजूद इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और सभी नेताओं को संयम बरतना चाहिए। 

भाजपा और टीवीके को मिली बड़ी जीत

चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 293 सीटों में से भाजपा 187 सीटों पर आगे चल रही थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) केवल दो अंकों में ही जीत हासिल कर पाई और 92 सीटों पर ही आगे थी। भगवा पार्टी, जिसने 2021 के चुनाव में 77 सीटें जीती थीं, पूर्वी राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है, जहां 90 प्रतिशत से अधिक का रिकॉर्ड मतदान हुआ। टीएमसी से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर द्वारा स्थापित आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) दो सीटों पर आगे थी, जबकि अखिल भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा (एआईएसएफ) दो सीटों पर और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), जिसने कभी राज्य पर शासन किया था, एक सीट पर आगे थी। तमिलनाडु में जहां 85 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, विजय की टीवीके ने उम्मीदों को धता बताते हुए राज्य में शानदार शुरुआत की और 234 सीटों में से 110 सीटों पर आगे चल रही थी, जो बहुमत से केवल आठ सीटें कम है। गौरतलब है कि केवल एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल ने ही टीवीके के लिए बड़े लाभ की भविष्यवाणी की थी, जिसमें कहा गया था कि पार्टी 98-120 सीटें जीत सकती है, जबकि अन्य सर्वेक्षणकर्ताओं ने कम संख्या का अनुमान लगाया था।

इसे भी पढ़ें: West Bengal में BJP को बहुमत? सामिक भट्टाचार्य बोले- अब Didi को आराम करने का मौका मिलेगा

2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन के बाद से अपनी प्रासंगिकता साबित करने के लिए संघर्ष कर रही एआईएडीएमके ने सत्ताधारी डीएमके को हराकर दूसरा स्थान हासिल किया। एआईएडीएमके 58 सीटों पर आगे थी, जबकि डीएमके को 48 सीटें मिलीं। चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, कांग्रेस केवल पांच सीटों पर आगे थी। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ।

All the updates here:

अन्य न्यूज़