'चलिए, समझदारी भरी बातचीत करते हैं': राहुल गांधी के 'मुंबई बुलाए जाने' वाले तंज पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का करारा जवाब

Jaishankar
ANI
रेनू तिवारी । Oct 23 2026 11:05AM

रुवार को भी ऐसा ही एक मौका आया, जब विदेश मंत्री जयशंकर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर करारा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलने के लिए राहुल गांधी के मुंबई जाने को 'बुलाया जाना' (summoned) बताया था। जयशंकर ने कहा कि कांग्रेस नेता इस बात को "समझ ही नहीं पाए"।

भारतीय राजनीति और कूटनीति के मंच पर अपनी हाज़िरजवाबी, तीखे और तथ्यात्मक जवाबों के लिए जाने जाने वाले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज से सभी का ध्यान खींचा है। हाल ही में, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलने के लिए मुंबई जाने को 'बुलाया जाना' (Summoned) बताए जाने पर विदेश मंत्री ने बेहद सधा हुआ और करारा तंज कसा है। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी इस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया को "समझ ही नहीं पाए" और उनका यह बयान तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत है।

गुरुवार को भी ऐसा ही एक मौका आया, जब विदेश मंत्री जयशंकर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर करारा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलने के लिए राहुल गांधी के मुंबई जाने को 'बुलाया जाना' (summoned) बताया था। जयशंकर ने कहा कि कांग्रेस नेता इस बात को "समझ ही नहीं पाए"।

NDTV वर्ल्ड समिट में बोलते हुए, जब जयशंकर से राहुल गांधी की टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तो पूर्व राजनयिक ने हाज़िरजवाबी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मौके आए हैं जब नेता किसी विदेशी मेहमान से मिलने के लिए दिल्ली के बाहर अन्य जगहों पर गए हैं।

उन्होंने कहा, "उन्हें मुंबई पसंद नहीं है। शायद उन्हें मुंबई से कोई दिक्कत है। यह हमारी आर्थिक राजधानी है, बॉलीवुड का केंद्र है, और यहाँ बहुत कुछ खास है। हो सकता है कि मुंबई ही उन्हें पसंद न करती हो! मुझे नहीं पता कि उन्हें मुंबई से इतनी आपत्ति क्यों है।"

'चलिए, समझदारी भरी बातचीत करते हैं'
अपनी बात के समर्थन में, जयशंकर ने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी 1972 में 'शिमला समझौता' करने के लिए जुल्फिकार अली भुट्टो से मिलने शिमला गई थीं। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में विदेश मंत्री रहे सलमान खुर्शीद ने 2013 में राजस्थान के जयपुर में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ से मुलाकात की थी।

कांग्रेस नेता पर तंज कसते हुए जयशंकर ने कहा कि सभी लोग वयस्क (समझदार) हैं, इसलिए अब "समझदारी भरी बातचीत" होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर किसी विदेशी नेता या समकक्ष से मिलने के लिए दिल्ली से बाहर जाना 'बुलावा' (summoning) है, तो मैं आपको ऐसे कई उदाहरण दे सकता हूँ। श्रीमती गांधी भुट्टो से मिलने शिमला गई थीं। क्या उन्हें बुलाया गया था? सलमान खुर्शीद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मिलने जयपुर गए थे। क्या उन्हें बुलाया गया था?" उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "हम समझदार लोग हैं, आइए समझदारी से बात करें। चलिए, अब चलते हैं।"

राहुल गांधी का 'बुलावा' वाला तंज और विदेश मंत्रालय (MEA) का जवाब
इससे पहले गांधी ने कहा था कि रुबियो ने "अपने कर्मचारी" को मुंबई "बुलाया" है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय (MEA) के अधिकारी भी "उलझन" में हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए, विदेश मंत्रालय ने कहा कि नई दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी करना एक आम चलन रहा है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "पिछले एक दशक से भारत के विभिन्न शहरों में समय-समय पर विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी करने की परंपरा रही है।"

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