2003 Bengaluru Murder Case: उम्रकैद काट रही शुभा को राहत नहीं, खारिज हुई Mercy Petition

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अभिनय आकाश । Oct 23 2026 1:21PM

कर्नाटक मंत्रिमंडल ने 2003 के सॉफ्टवेयर इंजीनियर बी. वी. गिरीश हत्याकांड में उम्रकैद काट रहे शुभा और अरुण वर्मा की दया याचिकाएं खारिज कर दी हैं। सरकार ने इस अपराध को पूर्व नियोजित और बेहद क्रूर माना है। अब इन याचिकाओं पर अंतिम संवैधानिक फैसले के लिए सिफारिश राज्यपाल थावरचंद गहलोत के पास भेजी जाएगी।

कर्नाटक मंत्रिमंडल ने गुरुवार को शुभा शंकरनारायण और डी. अरुण वर्मा की दया याचिकाओं को खारिज कर दिया। ये दोनों दिसंबर 2003 में बेंगलुरु में शुभा के 27 वर्षीय मंगेतर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर बी. वी. गिरीश की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। मंत्रिमंडल ने माना कि यह हत्या पहले से सोची-समझी और अत्यंत क्रूर थी, और मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत दया की याचिकाओं को स्वीकार नहीं किया जा सकता। याचिकाओं पर अंतिम निर्णय लेने के लिए अब यह सिफारिश राज्यपाल थावरचंद गहलोत के पास भेजी जाएगी। गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को हुई बैठक के बाद बताया, कैबिनेट के सामने यह मामला रखने से पहले, गृह विभाग ने पुलिस और जेल विभागों से राय ली थी।

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ये याचिकाएं 14 जुलाई, 2025 के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद दायर की गई थीं, जिसमें इस मामले के चारों दोषियों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा गया था। अदालत ने उनकी अपीलें खारिज करते हुए दोषियों को संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल के पास जाने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया। इस अनुच्छेद के तहत राज्यपाल को राज्य के कार्यकारी अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों में माफी देने, सजा को निलंबित करने, कम करने या बदलने का अधिकार है। कैबिनेट द्वारा इसे खारिज कर देने का मतलब यह नहीं है कि राज्यपाल का अंतिम निर्णय भी यही होगा। संवैधानिक प्रक्रिया तब पूरी होगी जब राज्यपाल इन याचिकाओं पर अपना फैसला लेंगे। बेंगलुरु में इंटेल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरीश और बीएमएस लॉ कॉलेज में इंटीग्रेटेड बीए एलएलबी कोर्स की पांचवें सेमेस्टर की छात्रा शुभा की सगाई 1 दिसंबर 2003 को हुई थी, और उनकी शादी 11 अप्रैल 2004 को तय थी।

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा देखे गए अभियोजन पक्ष के मामले के अनुसार, शुभा गिरीश से शादी नहीं करना चाहती थी और वह लॉ के ही एक अन्य छात्र अरुण वर्मा के साथ अपना रिश्ता आगे बढ़ाना चाहती थी। उस समय 19 साल का वर्मा, उसी कोर्स के पहले सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहा था। 3 दिसंबर 2003 की शाम को, शुभा ने गिरीश से उसे डिनर पर ले जाने के लिए कहा। गिरीश शाम करीब 6:30 बजे उसे उसके घर से अपने स्कूटर पर ले गया और वे दोनों उसके काम की जगह के पास स्थित 'टीजीआई फ्राइडेज़' (TGI Friday’s) नाम के एक रेस्तरां में गए।

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