Ramdas Athawale ने आरक्षण विरोधी लोगों पर Sedition लगाने की मांग उठाई

केंद्रीय मंत्री और आरपीआई प्रमुख रामदास आठवले ने रविवार को मुंबई में आरक्षण व्यवस्था का विरोध करने वालों के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि इसे समाप्त नहीं किया जा सकता और इसके खिलाफ मुहिम चलाने वाले लोग संविधान विरोधी हैं।
केंद्रीय मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रमुख रामदास आठवले ने आरक्षण का विरोध करने वालों या इसे खत्म करने की मांग करने वालों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने की रविवार को मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षण संवैधानिक अधिकार है। आठवले ने एक बयान में कहा कि आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन (जिनमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर घोषित प्रदर्शन भी शामिल हैं) ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर भी आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने या उसमें बदलाव की मांग को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं। आठवले ने कहा, ‘‘आरक्षण का विरोध संविधान का विरोध है। जो लोग आरक्षण-विरोधी रुख अपनाते हैं, वे संविधान-विरोधी हैं और उनके खिलाफ राजद्रोह के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि कुछ लोग आरक्षण खत्म करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इसे समाप्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह संविधान प्रदत्त अधिकार है।
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