Kailash Mansarovar Yatra संपन्न: लिपुलेख से 44 यात्रियों का अंतिम जत्था उत्तराखंड लौटा

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित लिपुलेख दर्रे से रविवार सुबह दसवें जत्थे के वापस आने के साथ ही इस वर्ष की कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी हो गई। कुमाऊं मंडल विकास निगम के धारचूला शिविर प्रभारी धन सिंह बिष्ट के अनुसार इस बार 154 महिलाओं समेत कुल 477 श्रद्धालुओं ने इस पावन यात्रा में भाग लिया। बारिश के कारण मार्ग संवेदनशील होने की वजह से अंतिम दल को बूंदी शिविर के बजाय सीधे धारचूला आधार शिविर लाया गया।
उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए दसवें और आखिरी जत्थे के रविवार को लौटने के साथ ही इस वर्ष की यात्रा का समापन हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारतीय भूभाग में यात्रा की नोडल एजेंसी कुमाऊं मंडल विकास निगम के धारचूला आधार शिविर में तैनात आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 44 सदस्यीय आखिरी जत्थे ने सुबह नौ बजकर 20 मिनट पर लिपुलेख दर्रा पार किया।
धारचूला आधार शिविर के प्रभारी धन सिंह बिष्ट ने बताया, ‘‘इस साल की कैलाश मानसरोवर यात्रा में कुल 477 तीर्थयात्रियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 154 महिलाएं शामिल थीं।’’ बिष्ट ने बताया कि बारिश के कारण सड़कों की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए तीर्थयात्रियों के जत्थे को सीधे धारचूला ही लाया गया अन्यथा कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें रविवार को बूंदी शिविर में विश्राम करना था। इस साल पांच जुलाई को कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुरूआत हुई थी।
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