राजस्थान में 3,314 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच चुनाव के दौरान बवाल, BLO की मौत

राजस्थान के 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में रविवार को उपसरपंचों के चुनाव के दौरान कई स्थानों पर विवाद और पथराव देखने को मिला। डूंगरपुर जिले में नामांकन प्रक्रिया के दौरान एक बूथ स्तरीय अधिकारी की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वहीं अलवर, बीकानेर और भीलवाड़ा जिलों में मतगणना को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन और गाड़ियों में तोड़फोड़ की।
राजस्थान के 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में रविवार को उपसरपंचों के चुनाव हुए। इस दौरान चुनाव परिणामों को लेकर विवाद और पथराव की घटनाएं सामने आईं। वहीं, डूंगरपुर जिले में अचानक तबीयत बिगड़ने से एक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) की मौत हो गई।
राज्य में शनिवार को पहले चरण में पंच-सरपंच पदों के लिए मतदान के बाद मतगणना हुई थी। उपसरपंच चुनाव में केवल निर्वाचित वार्ड पंच मतदान करते हैं और इसमें आम मतदाता भाग नहीं लेते। अधिकारियों के अनुसार, डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र की डूका ग्राम पंचायत में उपसरपंच पद के नामांकन की प्रक्रिया के दौरान बीएलओ अशोक बारिया की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
उन्हें सीमलवाड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका। वहीं अलवर जिले की कठूमर तहसील की गारू ग्राम पंचायत में शनिवार रात सरपंच पद के चुनाव की मतगणना पूरी होने और परिणाम घोषित होने के बाद रविवार सुबह विवाद हो गया।
दूसरी प्रत्याशी हरदेवी के समर्थक दोबारा मतगणना की मांग को लेकर सरकारी विद्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी की। हरदेवी के भतीजे मनोज कुमार ने दावा किया कि शनिवार रात मतगणना के बाद उनकी चाची को करीब 76 मतों से पराजित घोषित किया गया था, जबकि आरती खंडेलवाल को विजयी घोषित किया गया।
मनोज के अनुसार, रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे मतदान केंद्र पहुंचने पर उन्हें विद्यालय में मतपत्रों का एक बंडल पड़ा मिला। मनोज ने दावा किया कि इन मतपत्रों को मतगणना में शामिल नहीं किया गया और उनमें हरदेवी के पक्ष में डाले गए मत भी थे। उन्होंने मामले की जांच और दोबारा मतगणना कराने की मांग की।
मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी श्याम सुंदर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जांच में गड़बड़ी सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से पुनर्मतगणना की मांग के समर्थन में ठोस आधार लिखित रूप में देने को कहा। इस दौरान ग्रामीणों और अधिकारी के बीच नोकझोंक भी हुई।
बीकानेर जिले की छतरगढ़ पंचायत समिति की केला ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव का परिणाम देर रात घोषित होने के बाद रविवार सुबह विवाद हो गया। जमीला की जीत के बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर पथराव किया। घटना में पुलिस और प्रशासन की तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस के अनुसार, शनिवार देर रात तक चली मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किया गया। इसके बाद कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
वहीं, भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र की गुढ़ा ग्राम पंचायत में नवनिर्वाचित सरपंच अख्तरी के बेटे जुबेर की कार पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इससे कार के आगे और साइड के शीशे टूट गए तथा जुबेर की आंख पर मामूली चोट आई। पुलिस के अनुसार, जुबेर अपनी कार से सरकारी विद्यालय की ओर जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उनकी कार पर पथराव किया।
पुलिस ने बताया कि उपसरपंच पद के प्रत्याशी के नाम को लेकर विवाद शुरू होने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, घटना के संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है।
मामले की जांच की जा रही है।
अन्य न्यूज़













