बूंदी में 70 हजार रुपये घूस लेते Junior Engineer गिरफ्तार, Kota ACB की कार्रवाई

राजस्थान में कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की खुफिया शाखा ने बूंदी जिले की तालेड़ा पंचायत समिति में तैनात एक संविदा कनिष्ठ अभियंता को बुधवार को 70 हजार रुपये की घूस लेते पकड़ा। आरोपी भानु प्रताप ने एक ठेकेदार से 10 लाख रुपये के लंबित बिल पास करने के एवज में सात प्रतिशत कमीशन मांगा था। मामले में सहायक अभियंता की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
राजस्थान के कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की खुफिया शाखा ने बुधवार को बूंदी जिले में 70,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एक कनिष्ठ अभियंता को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने एक ठेकेदार से 10 लाख रुपये के कुल भुगतान का 10 प्रतिशत कमीशन मांगा था।
हालांकि, बाद में यह राशि सात प्रतिशत तय हुई। उन्होंने बताया कि आरोपी शिकायतकर्ता से पहले ही 10,000 रुपये ले चुका था। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान भानु प्रताप के रूप में हुई है।
वह बूंदी जिले की तालेड़ा पंचायत समिति में संविदा पर कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत था। कोटा एसीबी की पुलिस उप अधीक्षक चंद्र कंवर के अनुसार, शिकायतकर्ता ने सात अक्टूबर को ब्यूरो में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि फरवरी से उसके 10 लाख रुपये के बिल लंबित थे।
उन्होंने कहा कि बिल के भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आरोपी ने शुरुआत में अपने और सहायक अभियंता के लिए 10 प्रतिशत कमीशन मांगा था, जिसे बातचीत के बाद घटाकर सात प्रतिशत कर दिया गया। विभागीय बयान और ऑडियो रिकॉर्डिंग से पुष्टि हुई कि आरोपी पहले के बिल का भुगतान कराने के लिए 10,000 रुपये ले चुका था और शेष 10 लाख रुपये के बिल के भुगतान के लिए 70,000 रुपये की मांग कर रहा था। उपाधीक्षक ने बताया कि एसीबी की खुफिया टीम ने बुधवार को तालेड़ा पंचायत समिति कार्यालय में जाल बिछाकर प्रताप को 70,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
उन्होंने कहा कि इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और सहायक अभियंता मुकेश सैनी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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