देश में शीर्ष स्तर से हो रही वोट चोरी, Rahul Gandhi का CEC पर बड़ा आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के त्रिलोकपुरी में जन सुनवाई के दौरान आरोप लगाया कि देश में शीर्ष स्तर से वोट चोरी कर गरीबों को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद से हटने तक विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि देश में ‘‘शीर्ष स्तर से वोट चोरी’ की जा रही है तथा करोड़ों लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उन्हें पद से हटाए जाने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में आयोजित एक ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम में शामिल हुए और उन लोगों से संवाद किया किया जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘वोट हर भारतीय नागरिक का अधिकार है, लेकिन आज करोड़ों लोगों से उनका अधिकार छीना जा रहा है। हम काफी समय से यह मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन अब पूरा देश समझ रहा है कि ‘वोट चोरी’ शीर्ष स्तर से की जा रही है।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गरीबों को मतदाता सूची से हटाकर उनके अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ‘जन सुनवाई’ के दौरान त्रिलोकपुरी के चार मतदान केंद्रों से 416 मतदाताओं के नाम ‘‘गैर-कानूनी तरीके से’’ हटाए जाने का मामला सामने आया।
गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब नहीं देने का आरोप भी लगाया। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सवाल पूछे हैं, लेकिन वह उनका जवाब देने से इनकार करते हैं और सवालों से बचते हैं। हम रुकने वाले नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष तब तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री उन्हें पद से नहीं हटाते।
गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रही है जिसमें कुछ चुनिंदा अरबपतियों के हितों को प्राथमिकता मिले और गरीब अपने अधिकारों से वंचित हों। उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी सिर्फ अमीरों का हिंदुस्तान बनाने पर तुले हैं।’’ कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि आखिर गरीबों के नाम मतदाता सूचियों से क्यों हटाए जा रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा ‘‘नया भारत’’ बनाने की कोशिश की जा रही है जहां नागरिकों, विशेषकर गरीबों, के अधिकार कमजोर हों और व्यवस्था कुछ चुनिंदा अरबपतियों के हितों के लिए काम करे।
इस ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी शामिल हुए।
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