UP में फरवरी-मार्च में होंगे Assembly Elections, बोले केंद्रीय मंत्री Pankaj Chaudhary

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की किसी भी सीट से जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 2024 के लोकसभा चुनावों में संविधान को लेकर जनता को गुमराह किया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में चुनाव फरवरी-मार्च के बीच होने की उम्मीद जताई।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीत पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ राज्य की किसी भी सीट से चुनाव लड़ते हैं, तो वे जरूर जीतेंगे। ANI को दिए एक इंटरव्यू में, जब उनसे अयोध्या को लेकर अखिलेश यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच एक-दूसरे को चुनौती देने के बारे में पूछा गया, तो चौधरी ने कहा, "योगी आदित्यनाथ जी हमारे प्रिय नेताओं में से एक हैं। पिछले साढ़े नौ वर्षों में उन्होंने जो काम किया है, उसे देखते हुए अगर वे राज्य की किसी भी सीट से चुनाव लड़ते हैं, तो वे जीतेंगे ही। और अखिलेश जी जहां से चाहें, वहां से चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र हैं।" उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, और बीजेपी तथा समाजवादी पार्टी (SP) एक अहम चुनावी मुकाबले की तैयारी कर रही हैं। वहीं, कांग्रेस राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है और अपने 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के सहयोगी, समाजवादी पार्टी के साथ सीट-बंटवारे को लेकर बातचीत कर रही है।
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2024 के लोकसभा चुनावों में फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र में बीजेपी की हार से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए, चौधरी ने माना कि राजनीति में जीत और हार तो होती ही रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने संविधान में बदलाव को लेकर एक नैरेटिव (धारणा) बनाकर मतदाताओं को गुमराह किया। उन्होंने कहा, "हम भी जीत और हार के बारे में सोचते हैं। 2024 में उन्होंने संविधान बदलने को लेकर जिस तरह का नैरेटिव बनाया और जनता को गुमराह किया... अगर आप देखें, तो देश में संविधान को 106 बार बदला गया है। हमारी NDA सरकार ने इसमें 7-8 बार बदलाव किए हैं।" इमरजेंसी का जिक्र करते हुए, उन्होंने उस दौरान हुए संवैधानिक संशोधन को "सबसे बुरा बदलाव" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बदलाव सिर्फ एक व्यक्ति को बचाने के लिए लाया गया था और उस समय अदालतों पर भी पाबंदियां लगा दी गई थीं। 106वें संविधान संशोधन - 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' - का जिक्र करते हुए, उन्होंने GST और अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की बात कही और कहा, "हमने गरीबों के लिए संविधान में बदलाव करने के फैसले भी लिए हैं। हमने सभी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है।
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उन्होंने आगे कहा लेकिन उन्होंने संविधान बदलने को लेकर जो बातें कहीं, उससे लोगों को गुमराह किया गया। और लोग अब यह बात समझ चुके हैं।" उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के, परिसीमन (delimitation) प्रक्रिया या महिला आरक्षण लागू होने के बाद होने की संभावना पर चौधरी ने कहा कि राज्य में चुनाव फरवरी से मार्च के बीच होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में चुनाव फरवरी से मार्च के बीच होंगे। जहां तक परिसीमन की बात है, अगर इससे जुड़ा बिल यहां आता है, तो उसे मंजूरी दे दी जाएगी। महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय रहा है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत कोटा लागू करने को जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया है। चौधरी ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित अनियमितताओं से जुड़े विवाद पर भी बात की। उन्होंने मंदिर को आस्था का केंद्र बताया और इस घटना की निंदा की।
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